हाइड्रेशन है लाइफलाइन: पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का रखें ध्यान, शरीर को रखें ठंडा और एनर्जेटिक

गर्मियों का मौसम अपने साथ तेज धूप और बढ़ता तापमान लेकर आता है। यह सिर्फ आपकी दिनचर्या को नहीं बल्कि आपकी सेहत को भी प्रभावित करता है। लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। थकान बढ़ती है। चक्कर आ सकते हैं। कई मामलों में हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप पहले से सावधानी बरतें। अपनी डेली लाइफ में कुछ आसान बदलाव करें। इससे आप धूप के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं। साथ ही पूरे दिन खुद को एक्टिव और सुरक्षित रख सकते हैं।
गर्मी में समय का चुनाव बहुत मायने रखता है। सूरज की किरणें दोपहर में सबसे ज्यादा तेज होती हैं। खासकर 12 बजे से तीन बजे के बीच धूप सबसे ज्यादा नुकसानदायक होती है। इस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। सुबह छह से 10 बजे तक का समय बेहतर होता है। इस दौरान यूवी लेवल कम रहता है। शाम पांच बजे के बाद भी बाहर जाना सुरक्षित माना जाता है। अगर किसी जरूरी काम से दोपहर में बाहर जाना पड़े, तो सिर और शरीर को ढककर निकलें। इससे सीधी धूप का असर कम होता है।
शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी
गर्मी में शरीर से पसीने के रूप में पानी और मिनरल्स निकल जाते हैं। इससे शरीर कमजोर हो सकता है। इसलिए हाइड्रेशन पर खास ध्यान देना चाहिए। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। इसके साथ ही नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी का सेवन करें। ये शरीर को ठंडक देते हैं। ज्यादा पसीना आने पर ओआरएस लेना भी फायदेमंद होता है। पानी की कमी से डिहाइड्रेशन हो सकता है। इससे चक्कर और कमजोरी बढ़ सकती है। इसलिए नियमित अंतराल पर तरल पदार्थ लेते रहें।
कपड़ों का सही चुनाव करें
गर्मी से बचाव में कपड़े भी अहम भूमिका निभाते हैं। हल्के रंग के कपड़े पहनें। ये सूरज की किरणों को रिफ्लेक्ट करते हैं। ढीले कपड़े पहनना बेहतर होता है। इससे हवा का संचार बना रहता है। शरीर ठंडा रहता है। कॉटन फैब्रिक सबसे अच्छा विकल्प है। यह पसीना सोखता है और त्वचा को आराम देता है। वहीं सिंथेटिक कपड़े गर्मी को फंसा लेते हैं। इससे परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए मौसम के हिसाब से कपड़े चुनना जरूरी है।
सन प्रोटेक्शन को नजरअंदाज न करें
धूप का असर सिर्फ गर्मी तक सीमित नहीं है। यह आपकी त्वचा को भी नुकसान पहुंचाता है। यूवी किरणों से बचने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। कम से कम एसपीएफ 30+ वाला सनस्क्रीन लगाएं। हर दो-तीन घंटे में इसे दोबारा लगाना चाहिए। सनग्लासेस आंखों को सुरक्षित रखते हैं। टोपी या छाता इस्तेमाल करने से सिर को सीधी धूप से बचाया जा सकता है। इससे सनबर्न और टैनिंग का खतरा कम होता है।
खान-पान का रखें खास ध्यान
गर्मी में आपकी डाइट का सीधा असर शरीर पर पड़ता है। ऐसे में हल्का और जल्दी पचने वाला खाना खाएं। तरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे फल ज्यादा खाएं। इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। ये शरीर को हाइड्रेट रखते हैं। तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना खाने से बचें। यह शरीर में गर्मी बढ़ाता है। सही खान-पान से हीट एग्जॉशन का खतरा कम होता है। साथ ही शरीर ऊर्जा से भरा रहता है।
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