युवाओं में बढ़ता कार्डियक अरेस्ट का खतरा: लाइफस्टाइल बना बड़ा रीजन, 20 से 40 साल के लोग भी हो रहे शिकार

निवेदिता चंद|02 मई 2026
लाइफस्टाइल बना बड़ा रीजन, 20 से 40 साल के लोग भी हो रहे शिकार

दिल की बीमारियां पहले उम्रदराज लोगों से जुड़ी मानी जाती थीं। लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। आजकल 20 से 40 साल के युवा भी अचानक कार्डियक अरेस्ट का शिकार हो रहे हैं। यह ट्रेंड डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स के लिए चिंता का विषय बन गया है। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। इसका मुख्य कारण बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता तनाव, जंक फूड का ज्यादा सेवन और फिजिकल एक्टिविटी की कमी मानी जा रही है। यह समस्या साइलेंट तरीके से बढ़ती है और कई बार बिना चेतावनी के जानलेवा साबित हो जाती है।

कार्डियक अरेस्ट एक गंभीर मेडिकल कंडीशन है। इसमें दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है। जब दिल काम करना बंद करता है तो शरीर और दिमाग तक खून और ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है। यह स्थिति बेहद खतरनाक होती है। अगर तुरंत इलाज न मिले तो कुछ ही मिनटों में व्यक्ति की मौत हो सकती है। इसमें मरीज अचानक बेहोश हो जाता है और उसकी सांस भी रुक सकती है।

कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में अंतर

अक्सर लोग कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक को एक ही समझ लेते हैं। लेकिन दोनों अलग स्थितियां हैं। हार्ट अटैक में दिल की नसों में ब्लॉकेज हो जाता है। इससे खून का प्रवाह प्रभावित होता है। वहीं कार्डियक अरेस्ट में दिल की धड़कन अचानक रुक जाती है। यह ज्यादा खतरनाक स्थिति होती है। कार्डियक अरेस्ट में तुरंत मेडिकल सहायता जरूरी होती है।

युवाओं में बढ़ने के कारण

युवाओं में कार्डियक अरेस्ट के पीछे कई कारण सामने आए हैं। सबसे बड़ा कारण है अनियमित लाइफस्टाइल। देर रात तक जागना और नींद की कमी आम हो गई है। इसके अलावा मानसिक तनाव भी तेजी से बढ़ रहा है। जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन दिल की सेहत पर बुरा असर डालता है। धूम्रपान और शराब का सेवन भी जोखिम बढ़ाते हैं। कई युवा जिम में बिना सही गाइडेंस के जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करते हैं। इससे दिल पर अचानक दबाव पड़ सकता है। कुछ मामलों में पहले से मौजूद हार्ट प्रॉब्लम की जानकारी नहीं होती, जो बाद में गंभीर रूप ले लेती है।

क्या हैं इसके संकेत?

कार्डियक अरेस्ट अक्सर बिना चेतावनी के होता है। लेकिन कुछ संकेत पहले दिखाई दे सकते हैं। जैसे अचानक सीने में दर्द, तेज धड़कन, सांस लेने में दिक्कत और चक्कर आना। कई बार व्यक्ति को अत्यधिक थकान महसूस होती है। इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय पर पहचान जीवन बचा सकती है।

कैसे करें बचाव?

डॉक्टरों का कहना है कि सही लाइफस्टाइल अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नियमित व्यायाम जरूरी है। संतुलित और हेल्दी डाइट लें। जंक फूड से दूरी बनाएं। धूम्रपान और शराब से बचें। तनाव को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। इसके लिए योग और मेडिटेशन मददगार हो सकते हैं। रोजाना सात से आठ घंटे की नींद लें। नियमित हेल्थ चेकअप भी कराते रहें, खासकर अगर परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास हो।

युवाओं के लिए चेतावनी

यह ट्रेंड एक चेतावनी है कि युवा अपनी सेहत को हल्के में न लें। फिट दिखना ही फिट होना नहीं है। शरीर के अंदर क्या चल रहा है, इसकी जानकारी होना जरूरी है। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।

स्वस्थ जीवनशैली ही समाधान

कार्डियक अरेस्ट का खतरा अचानक आता है, लेकिन इसकी जड़ें हमारी रोजमर्रा की आदतों में होती हैं। अगर हम अपनी लाइफस्टाइल को सुधार लें, खानपान पर ध्यान दें और नियमित एक्सरसाइज करें तो इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वस्थ जीवनशैली ही इसका सबसे बड़ा समाधान है।

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