गर्मियों में भी बढ़ा 'हेल्दी चाय' और नेचुरल ड्रिंक्स का क्रेज: कोल्ड ब्रू टी और देसी पेय पदार्थों की डिमांड तेज, चाय बनी वेलनेस मंत्र

निवेदिता चंद|10 जून 2026
कोल्ड ब्रू टी और देसी पेय पदार्थों की डिमांड तेज, चाय बनी वेलनेस मंत्र

बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता ने लोगों के खान-पान की आदतों में बड़ा बदलाव लाया है। अब पेय पदार्थों का चुनाव केवल स्वाद के आधार पर नहीं होता है। उनके स्वास्थ्य लाभों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। खासकर गर्मियों के मौसम में लोग ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं जो शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ ऊर्जा, पाचन और मानसिक सुकून भी प्रदान करें। यही कारण है कि पारंपरिक चाय, हर्बल इन्फ्यूजन, कोल्ड ब्रू टी और देसी हेल्दी ड्रिंक्स की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

एक समय था जब चाय को केवल सर्दियों या बारिश के मौसम का पेय माना जाता था। अब यह हर मौसम की पसंद बनती जा रही है। आधुनिक उपभोक्ता चाय को सिर्फ एक आदत नहीं है। अपनी वेलनेस और सेल्फ-केयर रूटीन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानने लगे हैं।

हर्बल और फ्लोरल ड्रिंक्स की बढ़ी लोकप्रियता

गर्मियों में स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ रही है। हिबिस्कस, लेमनग्रास, तुलसी, पुदीना और अन्य प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से तैयार ड्रिंक्स लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। इन पेयों का स्वाद हल्का और ताजगी से भरपूर होता है। साथ ही ये शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक भी प्रदान करते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे पेय कृत्रिम फ्लेवर वाले शरबत और सॉफ्ट ड्रिंक्स की तुलना में अधिक लाभकारी होते हैं।

कोल्ड ब्रू टी बनी नई पसंद

चाय पीने का तरीका भी बदल रहा है। अब बड़ी संख्या में लोग कोल्ड ब्रू टी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ग्रीन टी, पुदीना, अदरक और अन्य प्राकृतिक फ्लेवर को ठंडे पानी में कई घंटों तक भिगोकर तैयार की जाने वाली यह चाय स्वाद में स्मूद और कम कड़वी होती है। फिटनेस और हेल्थ कॉन्शियस युवा वर्ग इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल कर रहा है।

साफ-सुथरी सामग्री वाले पेयों की मांग

आज का उपभोक्ता किसी भी उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी सामग्री पर विशेष ध्यान देता है। लोग ऐसे पेय पदार्थों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनमें कम सामग्री हो और जिनकी संरचना आसानी से समझी जा सके। कृत्रिम रंग, अतिरिक्त प्रिजर्वेटिव और सिंथेटिक फ्लेवर वाले उत्पादों से दूरी बनाने का चलन बढ़ रहा है। इसके स्थान पर प्राकृतिक और पारदर्शी सामग्री वाले पेय बाजार में अपनी मजबूत जगह बना रहे हैं।

देसी पेय फिर बन रहे लोगों की पसंद

आधुनिक पेयों के बीच पारंपरिक भारतीय ड्रिंक्स की वापसी भी देखने को मिल रही है। आम पन्ना, छाछ, सौंफ का पानी, बेल का शरबत और मसाला ड्रिंक्स जैसी देसी चीजें फिर से लोकप्रिय हो रही हैं। ये पेय न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक और ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। आसान उपलब्धता और घरेलू तैयारी की वजह से इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।

स्वाद के साथ स्वास्थ्य भी

एक्सपर्टस के अनुसार वर्तमान समय में लोग ऐसे पेय पदार्थों की तलाश कर रहे हैं जो स्वाद के साथ अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ भी दें। प्रोबायोटिक्स, इलेक्ट्रोलाइट्स और प्राकृतिक तत्वों से युक्त ड्रिंक्स इसी कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। गर्मी के मौसम में शरीर को तरोताजा रखने और थकान दूर करने में ऐसे पेय प्रभावी साबित हो रहे हैं। बदलते दौर में चाय और अन्य स्वास्थ्यवर्धक पेय केवल स्वाद तक सीमित नहीं रह गए हैं। यह स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।

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