मोटापा बना हिडेन खतरा: 13 तरह के कैंसर का बढ़ सकता है रिस्क, बदलती लाइफस्टाइल दे रही चेतावनी

निवेदिता चंद|01 मई 2026
13 तरह के कैंसर का बढ़ सकता है रिस्क, बदलती लाइफस्टाइल दे रही चेतावनी

आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल ने लोगों की सेहत पर गहरा असर डाला है। भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खानपान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी ने मोटापे को आम समस्या बना दिया है। लेकिन अब यह सिर्फ शरीर की बनावट तक सीमित नहीं रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, मोटापा कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन चुका है। खासतौर पर कैंसर के मामलों में इसका सीधा संबंध देखा जा रहा है। रिसर्च बताती है कि शरीर में बढ़ती चर्बी हार्मोनल असंतुलन और सूजन को बढ़ाती है। यही बदलाव कैंसर के खतरे को कई गुना तक बढ़ा देते हैं।

इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के अनुसार मोटापा करीब 13 तरह के कैंसर से जुड़ा हुआ है। इसमें स्तन, आंत, किडनी, लिवर, पेट, थायरॉइड और प्रोस्टेट जैसे कैंसर शामिल हैं। इसके अलावा ओवेरियन, एंडोमेट्रियल, पित्ताशय और अग्नाशय के कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं कि हर मोटे व्यक्ति को कैंसर होगा। लेकिन यह एक बड़ा रिस्क फैक्टर जरूर है। अगर इसके साथ अन्य खराब आदतें जुड़ जाएं, तो खतरा और बढ़ सकता है।

लाइफस्टाइल बना सबसे बड़ा कारण

आज के समय में हमारी लाइफस्टाइल तेजी से बदल रही है। जंक फूड का बढ़ता सेवन, कम नींद, ज्यादा स्क्रीन टाइम और शारीरिक गतिविधि की कमी ने शरीर को कमजोर बना दिया है। यही कारण है कि मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने अपनी स्टडी में पाया कि कैंसर के इलाज के लिए आने वाले कई मरीज पहले मोटापे का शिकार रहे हैं। इससे साफ है कि मोटापा सिर्फ एक समस्या नहीं, बल्कि कई बीमारियों का कारण बनता जा रहा है।

शरीर में क्या बदलाव करता है मोटापा

मोटापा शरीर के अंदर कई तरह के बदलाव करता है। यह हार्मोन के स्तर को बिगाड़ता है। शरीर में सूजन बढ़ाता है। मेटाबॉलिज्म को धीमा करता है। इन सभी बदलावों का असर कोशिकाओं पर पड़ता है। इससे असामान्य सेल ग्रोथ शुरू हो सकती है, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकती है। कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार, मोटापा इम्यून सिस्टम को भी कमजोर करता है। इससे शरीर की बीमारी से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।

रिसर्च में क्या सामने आया

एक बड़े अध्ययन में करीब 79 हजार से ज्यादा मरीजों के हेल्थ रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि अलग-अलग कैंसर में मोटापे का प्रभाव अलग होता है। कुछ कैंसर में इलाज के समय मोटापा ज्यादा पाया गया, जबकि कुछ में कम। वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड की डॉ. हेलेन क्रॉकर के अनुसार, इलाज के दौरान मरीज के वजन और उसकी पिछली हेल्थ हिस्ट्री को ध्यान में रखना जरूरी है। इससे इलाज के बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

कैंसर के खतरे से बचने के उपाय

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वजन को कंट्रोल में रखा जाए, तो कई तरह के कैंसर का खतरा कम किया जा सकता है। इसके लिए संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद जरूरी है। कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार, स्वस्थ वजन बनाए रखने से 13 तरह के कैंसर का जोखिम कम हो सकता है। यह एक आसान लेकिन प्रभावी उपाय है।

समय रहते संभलना जरूरी

मोटापा एक साइलेंट खतरा है। यह धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। शुरुआत में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन समय के साथ यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। आज जरूरत है कि लोग अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान दें। फिटनेस को प्राथमिकता बनाएं। सही खानपान अपनाएं। रोजाना थोड़ा समय एक्सरसाइज को दें।

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