खुले में बिक रहे जूस से इंफेक्शन का खतरा: अनहाइजीनिक तरीके से हो सकती हैं गंभीर बीमारियां, एक्सपर्ट्स ने दी सफाई की सलाह

भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच लोग राहत पाने के लिए अक्सर सड़क किनारे मिलने वाले ठंडे जूस का सहारा लेते हैं। गन्ने का रस, मौसमी, संतरे और मिक्स फ्रूट जूस गर्मियों में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले पेय पदार्थों में शामिल हैं। हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिना साफ-सफाई और गुणवत्ता की जांच किए सड़क किनारे मिलने वाला जूस पीना सेहत पर भारी पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, गर्मी के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं, ऐसे में दूषित जूस फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और कई तरह के संक्रमण का कारण बन सकता है। यही वजह है कि डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स लोगों को बाहर का जूस पीते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सड़क किनारे लगने वाले कई जूस स्टॉल पर साफ-सफाई के मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जाता। कई जगहों पर खुले में कचरा, गंदा पानी और मक्खियां देखने को मिलती हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। अक्सर जूस बनाने वाले बिना हाथ धोए फल काटते हैं या गंदे कपड़े से मशीन और बर्तनों को साफ करते हैं। ऐसे वातावरण में तैयार किया गया जूस सीधे पेट से जुड़ी बीमारियों को न्योता दे सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, गर्मियों में कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
बर्फ और कटे फलों से बढ़ता है इंफेक्शन का खतरा
गर्मी में लोग ठंडे जूस को ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन जूस में इस्तेमाल होने वाली बर्फ कई बार सबसे बड़ा खतरा बन जाती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई दुकानदार साफ पानी की बजाय सामान्य या दूषित पानी से बनी बर्फ का इस्तेमाल करते हैं। ऐसी बर्फ में मौजूद बैक्टीरिया शरीर में संक्रमण फैला सकते हैं। इसके अलावा कई जूस विक्रेता फल पहले से काटकर लंबे समय तक खुले में रखते हैं। खुले में रखे फलों पर धूल, मक्खियां और कीटाणु जमा हो जाते हैं, जो जूस के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि हमेशा ताजे फलों से तैयार जूस ही पीना चाहिए।
मशीन और ग्लास की सफाई भी जरूरी
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, जूस बनाने वाली मशीनों और ग्लास की सफाई पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है। कई बार एक ही पानी में बार-बार ग्लास धोए जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। मशीनों में जमा गंदगी और फलों के अवशेष बैक्टीरिया को पनपने का मौका देते हैं। ऐसे में लोगों को जूस पीने से पहले यह जरूर देखना चाहिए कि दुकानदार साफ बर्तनों और स्वच्छ मशीनों का उपयोग कर रहा है या नहीं।
ज्यादा मीठा जूस भी पहुंचा सकता है नुकसान
एक्सपर्ट्स ने यह भी चेतावनी दी है कि स्वाद बढ़ाने के लिए कई दुकानदार जूस में जरूरत से ज्यादा चीनी या मीठा सिरप मिला देते हैं। अत्यधिक शुगर वाला जूस शरीर में पानी की कमी बढ़ाने के साथ मोटापा और डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि प्राकृतिक मिठास वाले जूस को प्राथमिकता देनी चाहिए और खाली पेट बाहर का जूस पीने से बचना चाहिए। खाली पेट दूषित जूस पीने से गैस, एसिडिटी और पेट संक्रमण की समस्या तेजी से बढ़ सकती है।
सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, लेकिन इसके लिए सुरक्षित और स्वच्छ पेय पदार्थों का चयन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि बाहर जूस पीना जरूरी हो तो साफ-सफाई, बर्फ की गुणवत्ता और ताजे फलों का विशेष ध्यान रखें। थोड़ी सी सतर्कता गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद कर सकती है।











