बारिश में वायरल बिमारियों का ब​ढ़ा खतरा: बुखार और जुकाम के मरीज बढ़े, शरीर में डिहाइड्रेशन का बना खतरा

बुखार और जुकाम के मरीज बढ़े, शरीर में डिहाइड्रेशन का बना खतरा

शहर में पिछले तीन-चार दिनों से जारी रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने न सिर्फ सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया है, बल्कि अब यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर हमला कर रही है। लगातार हो रही बारिश, नमी और जगह-जगह जमा गंदे पानी के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। अस्पतालों की ओपीडी में अचानक मरीजों की संख्या में भारी उछाल देखा जा रहा है।

लगातार बारिश के कारण कॉलोनियों, खाली प्लॉटों, छतों पर रखे बर्तनों और कूलरों में साफ पानी जमा हो रहा है। यह पानी डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल है। प्रशासन ने जलभराव वाले इलाकों में दवा छिड़काव के निर्देश दिए हैं। बाढ़ और भारी बारिश के कारण कई इलाकों में पीने के पानी के स्रोत दूषित हो गए हैं। गंदा और संक्रमित पानी पीने से बच्चों में दस्त, उल्टी और पेट में तेज दर्द की शिकायतें आ रही हैं, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन का खतरा बना हुआ है।

नमी की वजह से तेजी से फैल रहा वायरस

मौसम में अचानक आए बदलाव और अत्यधिक नमी की वजह से हवा में वायरस तेजी से फैल रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना और बदन दर्द के लक्षण आम हो गए हैं। बाढ़ या जलभराव के गंदे पानी के संपर्क में आने से लोगों में फंगल इन्फेक्शन, खुजली और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी खतरनाक बीमारियों का खतरा भी पैदा हो गया है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस मानसूनी आफत से बचने के लिए आम जनता के लिए कुछ बेहद जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

बाहर के खानों से बचें

संक्रमण से बचने के लिए पीने के पानी को हमेशा उबालकर या अच्छी तरह फिल्टर करके ही इस्तेमाल करें। घर के आसपास, गमलों, टायरों या कूलरों में पानी बिल्कुल जमा न होने दें। मच्छरों के काटने से बचने के लिए बच्चों को पूरी बांह के कपड़े पहनाएं और मॉस्किटो रिपेलेंट (मच्छर भगाने वाली क्रीम या लिक्विड) का इस्तेमाल करें। खुले में बिकने वाले कटे फल, बासी खाना या दूषित पानी से बनी चीजों का सेवन करने से पूरी तरह परहेज करें।

तुरंत लें डॉक्टर की सलाह

यदि घर में किसी को भी तेज बुखार, लगातार उल्टी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो खुद से इलाज करने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करें। मौसम विभाग के अनुसार, अभी बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है, ऐसे में सेहत के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। प्रशासन ने सभी सरकारी अस्पतालों को दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

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