चूल्हे की आग में भुना शकरकंद: सर्दियों में लोग उठते हैं लुत्फ, कोयला या अंगीठी नहीं, ऐसे बढ़ेगा स्वाद

07 मार्च 2026
सर्दियों में लोग उठते हैं लुत्फ, कोयला या अंगीठी नहीं, ऐसे बढ़ेगा स्वाद

सर्दियों के मौसम में गरमा-गरम भुनी हुई शकरकंद खाने का अपना ही मजा है। अक्सर लोग घर पर शकरकंद उबाल कर खाते हैं, लेकिन उबालने से उसका असली सोंधा स्वाद खत्म हो जाता है जो चूल्हे की आग में भूनने से आता है। अगर आपके पास कोयला या अंगीठी नहीं है, तो इस तरीके को समझ लीजिए।

मिट्टी की सौंधी खुशबू और प्राकृतिक मिठास

सर्दियों की गुनगुनी धूप में चूल्हे पर भुनी हुई शकरकंद का स्वाद भला किसे याद नहीं आता है। मिट्टी की सौंधी खुशबू और प्राकृतिक मिठास आज के दौर में शहरों की भागदौड़ और मॉर्डन किचन के बीच कहीं खो सी गई है। अक्सर लोग घर पर शकरकंद उबाल तो लेते हैं, लेकिन उसमें पारंपरिक सोंधापन नहीं मिल पाता। वहीं, कोयले या अंगीठी का इंतजाम करना हर किसी के लिए संभव नहीं होता।

विलेज स्टाइल शकरकंद बनकर होगी तैयार

लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना किसी अंगीठी, बिना नमक और बिना रेत के भी आप अपने किचन में बिल्कुल विलेज स्टाइल भुनी हुई शकरकंद तैयार कर सकते हैं। एक निजी यूट्यूब चैनल ने ऐसी नायाब और बेहद आसान तरकीब शेयर की है, जिसे जानकर हैरान रह जाएंगे। इस तरीके से शकरकंद महज 15 मिनट में वैसी ही भुनकर तैयार होगी, जैसी चूल्हे पर भुनती है।

सर्दियों में लोग उठते हैं लुत्फ, कोयला या अंगीठी नहीं, ऐसे बढ़ेगा स्वाद

भूनने के लिए चुनें मीडियम आकार की शकरकंद

शकरकंद भूनने के लिए सबसे पहले मीडियम आकार की शकरकंद चुनें, क्योंकि ये जल्दी और समान रूप से पकती हैं। सबसे जरूरी काम इन्हें अच्छी तरह से धोना है। शकरकंद जमीन के नीचे उगती है, इसलिए इस पर काफी मिट्टी लगी होती है। इसे पानी में रगड़कर साफ कर लें ताकि भूनते समय मिट्टी की गंध न आए। धोने के बाद इन्हें सुखाने की जरूरत नहीं है, हल्की नमी भूनने में मदद करेगी।

तवे पर रखने के बाद पतीले से ढंक दें

शकरकंद को तवे पर रखने के बाद उसे एक गहरे बर्तन या पतीले से ढंक दें। बर्तन ऐसा होना चाहिए जो शकरकंद को पूरी तरह कवर कर ले और भाप बाहर न निकलने दे। ढंकने से तवे की गर्मी अंदर ही कैद हो जाती है, जिससे शकरकंद चारों तरफ से पकती है। यह बिल्कुल वैसा ही काम करता है जैसे गांव में मिट्टी के चूल्हे के अंदर दबी हुई शकरकंद पकती है।

भरी तले वाले लोहे के तवे हैं बेस्ट

अब गैस जलाएं और उस पर लोहे का तवा रखें। ध्यान रहे कि इसके लिए नॉन-स्टिक तवे के बजाय भारी तले वाले लोहे के तवे का इस्तेमाल करना बेहतर होता है, क्योंकि यह आंच को अच्छी तरह बर्दाश्त करता है। तवे को हल्का गर्म होने दें और फिर साफ की हुई शकरकंद को सीधे तवे पर अच्छी तरह से रख दें।

थोड़ा सा पानी छिड़कें

यूट्यूब चैनल के अनुसार, शकरकंद को तवे पर रखने के बाद उस पर हाथों से थोड़ा सा पानी छिड़कें। यह पानी भाप बनाने में मदद करता है। भाप की वजह से शकरकंद अंदर से नरम रहती है और बाहर से सोंधी होती है। यह तरीका इसे सूखने या जलने से बचाता है और चूल्हे जैसा इफेक्ट देता है।

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आंच स्लो से मीडियम रखें

शकरकंद को भूनते समय गैस की आंच स्लो से मीडियम रखें। हर 3-4 मिनट में ढक्कन हटाकर शकरकंद को चिमटे की मदद से पलटते रहें। पलटने से शकरकंद के हर हिस्से पर तवे की गर्माहट लगती है, जिससे वह समान रूप से भुन जाती है। लगभग 15 मिनट में शकरकंद पूरी तरह नरम हो जाएगी और उसकी ऊपरी त्वचा पर भुनने के काले निशान दिखने लगेंगे।

काला नमक और चाट मसाला लगाकर परोसें

जब शकरकंद में चाकू या टूथपिक आसानी से अंदर चली जाए, तो समझ लें कि तैयार है। इस तरीके से भुनी हुई शकरकंद में पानी नहीं भरता, इसलिए इसका नेचुरल मिठास और सोंधापन बना रहता है। अब इसे छीलें और इस पर थोड़ा सा काला नमक, चाट मसाला और नींबू का रस डालकर गरमा-गरम परोसें।

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