ट्रैफिक सिपाही और रोडवेज परिचालक में मारपीट: रोडवेज कर्मियों ने किया विरोध प्रदर्शन, बसें खड़ी कर लगाया जाम

शहर में मंगलवार को ट्रैफिक पुलिस और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के एक परिचालक के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते बड़े आंदोलन में बदल गया। मारपीट और अभद्रता के आरोपों से नाराज रोडवेज कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने बसों को सड़क पर खड़ा कर यातायात बाधित कर दिया। इसके चलते शहर के प्रमुख मार्ग पर लंबा जाम लग गया। आम लोगों को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जबकि यात्रियों, स्कूली बच्चों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
जानकारी के अनुसार, रोडवेज बस संख्या यूपी-52 एटी 2585 के परिचालक चंदन कुमार यादव और एक यातायात सिपाही के बीच बस स्टेशन गेट के निकट ड्यूटी के दौरान कहासुनी हो गई। परिचालक का आरोप है कि मामूली विवाद के बाद ट्रैफिक सिपाही ने उनके साथ मारपीट की। उनका कहना है कि बाद में उन्हें कोतवाली ले जाया गया। जहां भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परिचालक ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनकी इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि बैग में रखा नकद कैश भी गायब हो गया। उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत अधिकारियों को सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कर्मचारियों के प्रदर्शन से थमा यातायात
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में रोडवेज चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित कर्मचारियों ने रोडवेज परिसर के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई बसों को सड़क पर खड़ा कर आवागमन रोक दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की स्थिति के कारण यात्रियों को पैदल सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा। रोडवेज परिसर के आसपास माहौल तनावपूर्ण हो गया। कर्मचारियों तथा यातायात पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से वार्ता की। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
अधिकारियों के आश्वासन के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदर्शन समाप्त कर सड़क से बसों को हटाया। इसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हालांकि काफी देर तक जाम का असर आसपास के इलाकों में बना रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पूरे घटनाक्रम ने दिनभर शहर में चर्चा का विषय बना रहा। रोडवेज परिसर के आसपास लोगों की भीड़ जुटी रही।
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