देवरिया में वृद्ध की मौत मामले में तीन अरेस्ट: बयानों में अंतर से उलझी जांच, रास्ते के विवाद के दौरान बिगड़ी थी तबीयत

देवरिया|1 घंटा पहले
बयानों में अंतर से उलझी जांच, रास्ते के विवाद के दौरान बिगड़ी थी तबीयत

रुद्रपुर क्षेत्र स्थित पीड़हनी गांव में सर्वजीत यादव की मौत के मामले में पुलिस ने दूसरे पक्ष के तीन लोगों को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है। हालांकि घटना को लेकर दर्ज एफआईआर और जानकारों के बयानों में सामने आए विरोधाभास ने जांच को और महत्वपूर्ण बना दिया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाएगा।

घटना आठ जुलाई की शाम की है, जब तत्कालीन एसडीएम अवधेश निगम राजस्व और पुलिस टीम के साथ रास्ते के विवाद के निस्तारण के लिए गांव पहुंचे थे। पैमाइश के दौरान सर्वजीत यादव ने सीमांकन पर आपत्ति जताते हुए एसडीएम से मोबाइल पर किसी से बात कराने का प्रयास किया। परिजनों का आरोप है कि एसडीएम की फटकार के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।

ग्रामीणों ने किया इनकार

मृतक के बेटे ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके पिता के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की। इससे वह गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। इसी आधार पर पुलिस ने हत्या सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर तीन आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। दूसरी ओर, घटनास्थल पर मौजूद कई ग्रामीणों और प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि मौके पर किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई थी। यही विरोधाभास अब जांच का सबसे अहम बिंदु बन गया है।

पोस्टमॉर्टम और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर टिकी जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में जानकारों के बयान, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा रही है। पोस्टमॉर्टम में चोट या हिंसा के स्पष्ट संकेत मिलने पर एफआईआर में लगाए गए आरोप मजबूत होंगे। वहीं मौत का कारण चिकित्सकीय पाए जाने पर विवेचना की दिशा बदल सकती है।

दूसरे पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई का इंतजार

घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने करीब चार घंटे तक एसडीएम के वाहन के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान दूसरे पक्ष के घर में घुसकर महिलाओं और पुरुषों के साथ मारपीट तथा तोड़फोड़ का भी आरोप लगा। बताया गया कि इस घटना में घायल हुए लोगों का उपचार अब भी चल रहा है। लेकिन उनकी ओर से दी गई शिकायत पर अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ है। इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

गांव में तनाव

घटना के बाद गांव में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है। मृतक का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि दूसरे पक्ष के लोग भी अपनी शिकायत पर कार्रवाई की अपेक्षा जता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

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