ओमान मरीन अटैक में देवरिया के युवक की मौत: इंजन रूम में लगी आग, 19 भारतीय सुरक्षित

भारत आ रहे मालवाहक जहाज MV Cape Dao पर ओमान के पास हुए हमले में देवरिया के युवक की मौत हो गई। भारतीय विदेश मंत्रालय और मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की है। हमले के बाद ओमानी अधिकारियों ने जहाज के चालक दल को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक जहाज पर मौजूद 20 भारतीयों में से 19 को सुरक्षित निकाला गया। भारतीय दूतावास ओमानी अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के साथ समन्वय कर रहा है। सूरज के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
ओमानी अधिकारियों के मुताबिक हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। रॉयल नेवी ऑफ ओमान ने 27 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई। हमले में एक क्रू सदस्य की मौत हुई, जिसकी पहचान भारतीय नागरिक के रूप में हुई। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सूरज यादव की मौत पर शोक जताया है। उन्होंने बताया कि सूरज को सिर में चोट लगी थी। सरकार उनके पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ भारत लाने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
जहाज पर वाइपर के पद पर थे तैनात
फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया ने मृतक की पहचान गौरीबाजार थाना क्षेत्र के कर्मजीतपुर निवासी सूरज यादव के रूप में की है। यूनियन के मुताबिक सूरज जहाज पर वाइपर के पद पर तैनात थे। एफएसयूआई ने दावा किया है कि जहाज पर दो टॉरपीडो से हमला हुआ। इनमें एक पोर्ट साइड के सी-डेक और दूसरा इंजन रूम के पास जहाज के हिस्से में लगा। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए टॉरपीडो से हमले की बात फिलहाल यूनियन के दावे के रूप में ही सामने आई है।
28 क्रू में भारतीयों की संख्या पर अलग-अलग आंकड़े
एफएसयूआई के अनुसार MV Cape Dao पर कुल 28 क्रू सदस्य थे, जिनमें 20 भारतीय शामिल थे। वहीं भारतीय दूतावास की शुरुआती जानकारी में 19 भारतीय नागरिकों का उल्लेख किया गया। बाद की आधिकारिक जानकारी में 20 भारतीयों में से 19 के सुरक्षित निकाले जाने की बात सामने आई है। इस तरह उपलब्ध बयानों में भारतीय क्रू सदस्यों की संख्या को लेकर अंतर रहा है।
गांव में पसरा मातम
सूरज के पिता ओम प्रकाश यादव वर्तमान में कुवैत में हैं। परिवार के मुताबिक सूरज चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही कर्मजीतपुर गांव में शोक का माहौल है। परिवार अब उनके पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहा है। भारतीय दूतावास ने बताया है कि वह ओमानी अधिकारियों, संबंधित आरपीएसएल एजेंसी और परिवार के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हो रहे हमलों को गंभीर चिंता का विषय बताया है और सुरक्षित नौवहन के लिए कूटनीतिक प्रयासों की बात कही है।










