दो मासूमों की जान बचाकर उफनते नाले में डूबा किशोर: तेज बहाव और गहरे पानी में फंसा, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

भटनी थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय रौनक खटीक ने साहस और मानवता की मिसाल पेश करते हुए डूब रहे दो बच्चों की जान बचा ली। लेकिन खुद उफनते नाले से बाहर नहीं निकल सका। ग्रामीणों ने करीब दो घंटे की तलाश के बाद उसे बाहर निकाला। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना पयासी गांव के नोनिया टोला स्थित उफनते कोइलार नाले की है। पयासी गांव के खटीक टोला निवासी रौनक पुत्र जसवंत खटीक अपने साथियों के साथ नाले में नहाने गया था। इसी दौरान उसके हमउम्र कुंदन और पीयूष गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दोनों को संकट में देखकर रौनक बिना देर किए नाले में कूद पड़ा। जानाकरी के अनुसार उसने साहस का परिचय देते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। लेकिन इस दौरान वह खुद तेज बहाव और गहरे पानी में फंसकर डूब गया।
बिना पोस्टमॉर्टम घर ले गए शव
ग्रामीणों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद रौनक को नाले से बाहर निकाला। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। कुछ समय तक परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा भी किया। इसके बाद वे बिना पोस्टमॉर्टम कराए शव को घर ले गए।
गांव में शोक
भटनी कोतवाल वीए कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल से सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची। लेकिन उससे पहले ही परिजन शव लेकर जा चुके थे। रौनक जुड़वां भाइयों में एक था। उसकी असमय मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने कहा कि रौनक ने अपनी जान की परवाह किए बिना दो बच्चों की जिंदगी बचाकर अद्भुत साहस का परिचय दिया।
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