देवरिया में डीएम कार्यालय पर हंगामा: 'जेनजी कनेक्ट यात्रा' में कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचे युवा, बोले- धमकी और कानूनी मुकदमों से नहीं डरने वाले

देवरिया जिले में सरकारी परिषदीय विद्यालयों की बदहाली का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने और युवा एक्टिविस्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद डीएम कार्यालय पर भारी हंगामा हुआ है। सोमवार को 'जेनजी कनेक्ट यात्रा' के तहत दो दर्जन से अधिक युवा साइकिलों से जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उनकी पुलिसकर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। युवाओं ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वे धमकी और कानूनी मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं और स्कूलों की हकीकत सामने लाना कोई अपराध नहीं है।
जेनजी कनेक्ट यात्रा' के प्रमुख और युवा एक्टिविस्ट रजत सिंह के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग, गौरीबाजार के खंड शिक्षा अधिकारी विनय शील मिश्र ने एफआईआर दर्ज कराई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 16 अगस्त को प्राथमिक विद्यालय डमरभिस्वा की चहारदीवारी फांदकर परिसर में प्रवेश किया और मलबे का वीडियो बनाकर विभाग की छवि धूमिल की।
डीएम कार्यालय के बाहर की नारेबाजी
सोमवार दोपहर करीब 2 बजे युवा अपनी बात रखने डीएम मधुसूदन हुल्गी से मिलने पहुंचे थे। जब उन्हें पता चला कि जिलाधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं हैं, तो वे उनके चैंबर के बाहर बरामदे में ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
धरने पर बैठ कर गाने लगे भजन
प्रदर्शन की सूचना पर सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी, सदर कोतवाल और एसडीएम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जब युवाओं को बरामदे से जबरन हटाने और बाहर धकेलने का प्रयास किया, तो दोनों पक्षों में तीखी झड़प हुई। इसके बाद युवा गेट पर ही धरने पर बैठ गए और 'रघुपति राघव राजा राम...' भजन गाने लगे।
सुधार करने के बजाय मुकदमों से डराया जा रहा
यात्रा प्रमुख रजत सिंह ने कहा कि उनकी टीम जिले के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति की जानकारी जिला प्रशासन और शासन तक पहुँचा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमियों को सुधारने के बजाय आवाज उठाने वालों को मुकदमों से डराया जा रहा है, लेकिन उनका यह निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। काफी देर तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और कलेक्ट्रेट परिसर में उपजे तनाव के बाद, एसडीएम सदर प्रवीण कुमार ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को समझा-बुझाकर शांत कराया और वहाँ से हटाया।










