PHC में प्रसव पीड़ा से तड़पती रही महिला: रात में डॉक्टर और नर्स के अनुपस्थित होने का आरोप, CMO ने जांच के दिए निर्देश

पिपरा दौला कदम स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि देर रात प्रसव पीड़ा से परेशान एक गर्भवती महिला को अस्पताल में समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। अस्पताल पहुंचने के बाद भी चिकित्सक और स्टाफ नर्स के अनुपस्थित रहने से परिजनों को घंटों परेशान होना पड़ा। अंततः महिला को निजी अस्पताल ले जाना पड़ा। जहां ऑपरेशन के माध्यम से सुरक्षित प्रसव कराया गया। फिलहाल जच्चा और नवजात दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार हरियापार निवासी प्रतिमा प्रजापति को देर रात अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उन्हें तत्काल पिपरा दौला कदम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल का मुख्य द्वार खुला था। लेकिन परिसर में कोई चिकित्सक, स्टाफ नर्स अथवा जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। काफी देर तक इधर-उधर तलाश करने के बाद भी किसी से संपर्क नहीं हो सका। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में मौजूद एक दाई ने बताया कि उस समय संध्या नामक नर्स की ड्यूटी थी। लेकिन वह किसी पारिवारिक कारण से अपनी बहन के घर गई हुई थीं। इसके बाद परिजन काफी देर तक स्वास्थ्यकर्मियों के आने का इंतजार करते रहे। लेकिन किसी के नहीं पहुंचने पर महिला की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल देवरिया शहर स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया।
समय पर निजी अस्पताल पहुंचने से टला बड़ा खतरा
निजी अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला की स्थिति को गंभीर मानते हुए तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। सफल सर्जरी के बाद महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार थोड़ी और देरी होने पर स्थिति गंभीर हो सकती थी। इस घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे कर रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
CMO ने दिए जांच के आदेश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रात्रिकालीन ड्यूटी के लिए चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि पिपरा दौला कदम पीएचसी में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने की जानकारी नहीं थी। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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