नशा मुक्ति केंद्र में पांच दिन के भीतर दो युवकों की मौत: संचालक अरेस्ट, इलाज व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

बेलडाड़ मोड़ स्थित अवतार नशा मुक्ति केंद्र में पांच दिनों के भीतर दो युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्र संचालक को अरेस्ट कर लिया है। लगातार हुई दो मौतों ने न केवल केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि जिले में संचालित निजी नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी व्यवस्था को भी कटघरे में ला खड़ा किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर केंद्र संचालक पंकज कुमार मिश्र को अरेस्ट किया गया है। आरोपी को हिरासत में लेने के बाद कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कोतवाली पुलिस के अनुसार दोनों मृतकों के परिजनों की शिकायत पर अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अवतार नशा मुक्ति केंद्र के संचालक पंकज कुमार मिश्र को नामजद आरोपी बनाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए केंद्र में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, मरीजों की देखरेख की व्यवस्था और उपचार प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।
सुरेश यादव की मौत से विवाद शुरू
मामले की शुरुआत तिलई बेलवा निवासी 38 वर्षीय सुरेश यादव की मौत से हुई। परिजनों के अनुसार उन्हें 16 मई को नशे की लत छुड़ाने के उद्देश्य से केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिवार का दावा है कि भर्ती के समय उनकी तबीयत सामान्य थी। 21 मई की रात केंद्र प्रशासन ने फोन कर सूचना दी कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई है। परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मृतक के पुत्र ने मौत को संदिग्ध बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
दूसरी मौत ने गहराया संदेह
पहले मामले की जांच चल ही रही थी कि 25 मई को केंद्र में भर्ती एक अन्य युवक रितेश राव की भी मौत हो गई। राघवनगर निवासी रितेश को 11 मई को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, उन्हें भी अचानक फोन कर तबीयत बिगड़ने की सूचना दी गई थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने रितेश को मृत घोषित कर दिया। रितेश अपने पिता के साथ एक मैरेज हॉल का संचालन करते थे। लगातार दूसरी मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का संदेह और गहरा गया।
जांच के केंद्र में इलाज और देखरेख की व्यवस्था
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि दोनों मामलों में मौत से पहले केंद्र प्रशासन ने परिजनों को अचानक स्वास्थ्य खराब होने की सूचना दी थी। यही समानता जांच एजेंसियों का ध्यान आकर्षित कर रही है। पुलिस अब चिकित्सकीय रिकॉर्ड, भर्ती रजिस्टर, उपचार संबंधी दस्तावेज और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण कराया जा रहा है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिले के नशा मुक्ति केंद्रों पर उठे सवाल
लगातार दो मौतों और संचालक की गिरफ्तारी के बाद जिले में संचालित निजी नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है। ऐसे संस्थानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। वहीं मृतकों के परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल में जुटी हुई है।
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