गोरखपुर में 11वीं के छात्र ने रची अपने अपहरण की कहानी: PUBG में हारा तीन लाख रूपये, एआई से फोटो बनवाकर पिता को डराया

यूपी के गोरखपुर में 11वीं के छात्र ने PUBG में 3 लाख रुपए हारने के बाद अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच दी। गर्लफ्रेंड की मदद से AI से ऐसी फोटो बनवाई, जिसमें उसके मुंह पर टेप और शरीर पर खून के निशान दिख रहे थे। फोटो देखकर ऐसा लग रहा था कि उसे बुरी तरह पीटा गया हो।
छात्र ने पिता को वॉट्सऐप पर फोटो भेजी और मैसेज लिखा- 1 लाख रुपए भेज दो, नहीं तो बेटे की लाश मिलेगी। फोटो देखते ही पिता घबरा गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने छात्र का फोन सर्विलांस पर लगाया। 2 घंटे बाद उसे दोस्त के घर से पकड़ लिया। मामला मंगलवार रात 8 बजे मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर सिकरीगंज का है। 16 साल के छात्र के पिता कपड़ा कारोबारी हैं।
गर्लफ्रेंड ने एआई से तैयार की फोटो
सत्यप्रकाश संतकबीरनगर के धनघटा क्षेत्र में परिवार के साथ रहते हैं। उनका बेटा शहर के एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में 11वीं में पढ़ता है। पुलिस के मुताबिक, छात्र को PUBG खेलने की लत है। गेम खेलने के चक्कर में उसने दोस्तों और कुछ जानने वालों से पैसे उधार ले लिए। धीरे-धीरे उस पर करीब 3 लाख रुपए का कर्ज हो गया। लोगों ने पैसे मांगने शुरू किए तो उसने अपहरण की योजना बनाई। उसने दिल्ली में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से बात की और ऐसी फोटो बनाने को कहा, जिसमें लगे कि उसका अपहरण हो गया है। गर्लफ्रेंड ने AI की मदद से उसकी फोटो तैयार की।
पिता के फोन पर भेजा धमकी भरा मैसेज
प्लान के मुताबिक, मंगलवार शाम 7 बजे छात्र घर से सिकरीगंज जाने की बात कहकर निकला। वहां पहुंचने के बाद उसने अपने मोबाइल को फ्लाइट मोड पर डाल दिया। बाद में उसने अपना फोन एक दोस्त के Wi-Fi से कनेक्ट किया। रात 9:47 बजे छात्र के पिता के वॉट्सऐप पर धमकी भरा मैसेज भेजा। साथ ही AI से बनाई गई फोटो भी भेजी। मैसेज देखकर पिता सत्यप्रकाश घबरा गए। उन्होंने पूछा कि पैसे कहां भेजने हैं। इस पर छात्र ने एक नंबर भेजकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने को कहा। पिता ने बताया कि उनके फोन में पैसे नहीं हैं, इसलिए वह ऑनलाइन भुगतान नहीं कर सकते। इसके बाद बेटे ने 2 लाख रुपए कैश में लाने को कहा। इसके बाद वह सीधे धनघटा थाने पहुंचे और पुलिस को बेटे के अपहरण की जानकारी दी।
सर्विलांस पर लगा था छात्र का फोन
एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी ने बताया- पुलिस ने छात्र के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया। जांच में पता चला कि छात्र का फोन सिकरीगंज में है। इसके बाद पुलिस ने सिकरीगंज पुलिस से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी। रात करीब 2 बजे पुलिस टीम वहां पहुंची तो छात्र अपने दोस्त के घर आराम से मिला। पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गई। पूछताछ में सामने आया कि छात्र ने कर्ज चुकाने के लिए अपने अपहरण की झूठी कहानी रची थी।











