गोरखपुर में सुरक्षा मानक पूरे होने के बाद ही शुरू होगी बोटिंग: GDA से मिली अनुमति, संचालकों ने अभी रोका संचालन

रामगढ़ताल में बोटिंग दोबारा शुरू करने के लिए जीडीए ने संचालकों को अनुमति दे दी है, लेकिन सुरक्षा मानकों को पूरी तरह लागू किए बिना नावों का संचालन शुरू नहीं किया जाएगा। 26 जुलाई की रात हुए हादसे के बाद गठित हाई लेवल कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की तैयारी चल रही है। इसी कारण किसी प्लेटफॉर्म से बोटिंग शुरू नहीं हो सकी। संचालकों का कहना है कि सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद ही पर्यटकों के लिए नावें संचालित की जाएंगी।
रामगढ़ताल में प्लेटफॉर्म संख्या एक, चार, पांच और छह से बोटिंग संचालित होती है। 26 जुलाई की रात हुए हादसे के बाद सभी प्लेटफॉर्म से संचालन तत्काल रोक दिया गया था। इस दौरान घटना की जांच कराई गई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई। बोटिंग बंद रहने से ताल घूमने आने वाले पर्यटकों को निराशा का सामना करना पड़ा। सप्ताहांत में संचालन शुरू होने की संभावना थी, लेकिन जांच रिपोर्ट समय पर जमा न होने से फैसला टल गया। अब रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद GDA ने अनुमति तो दे दी है, लेकिन संचालन सुरक्षा मानकों के पालन के बाद ही शुरू होगा।
नावों में अनिवार्य होंगे नए सुरक्षा इंतजाम
हाई लेवल कमेटी ने सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इनमें ताल क्षेत्र में वाटर लाइट और नेविगेशन एलईडी जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं, जिन्हें प्राधिकरण की ओर से विकसित किया जाएगा। वहीं बोट संचालकों को अपनी नावों में हॉर्न, फेंडर और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था तत्काल करनी होगी। सभी नावों में जीपीएस लगाने का भी प्रावधान किया गया है, हालांकि इसके लिए कुछ समय दिया जा सकता है। इसके अलावा संचालन के दौरान किसी भी यात्री को खड़े होने की अनुमति नहीं होगी और सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य रहेगा। क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर संबंधित संचालक का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
नियम तोड़ने वाले संचालक पर हुई कार्रवाई
प्राधिकरण ने अस्थायी प्रतिबंध के बावजूद 30 जुलाई की शाम प्लेटफॉर्म संख्या-छह से नाव चलाने के मामले को गंभीरता से लिया। संचालक द्वारा नियमों की अनदेखी का वीडियो वायरल होने के बाद GDA ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया। माना जा रहा है कि इस प्लेटफॉर्म से बोटिंग दोबारा शुरू होने में अभी कुछ समय लगेगा।
क्रूज के लिए अलग रहेगा संचालन समय
प्राधिकरण ने यह भी तय किया है कि सूर्यास्त के बाद सामान्य नावों का संचालन नहीं होगा। हालांकि क्रूज को सुरक्षित श्रेणी में रखते हुए उस पर यह प्रतिबंध लागू नहीं किया गया है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार क्रूज का संचालन रात नौ बजे तक जारी रह सकेगा। प्राधिकरण का कहना है कि भविष्य में भी पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।











