गोरखपुर में GST चोरी पर SIB की बड़ी कार्रवाई: पूर्व मंत्री पप्पू जायसवाल के कोल्ड स्टोरेज पर मारा छापा, टीम ने घंटों खंगाले अहम दस्तावेज

राज्यकर विभाग की एसआईबी टीम ने पिपराइच रोड स्थित पूर्व मंत्री जितेंद्र उर्फ पप्पू जायसवाल के विश्वनाथ कोल्ड स्टोरेज पर छापेमारी कर व्यापक जांच शुरू की। मूंगफली के कारोबार में लाखों रुपये की जीएसटी चोरी की सूचना मिलने के बाद 12 सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर ई-वे बिल, परिवहन अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर और अन्य व्यावसायिक दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। अधिकारियों ने जांच पूरी होने के बाद ही कर चोरी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 (एसआईबी) संजय कुमार और सहायक आयुक्त उदित नारायण के नेतृत्व में विभाग की टीम कई वाहनों से कोल्ड स्टोरेज पहुंची। अचानक हुई कार्रवाई से परिसर में हलचल मच गई। अधिकारियों ने सबसे पहले मूंगफली की खेप, ट्रकों के परिवहन रिकॉर्ड, ई-वे बिल और उपलब्ध स्टॉक का आपस में मिलान किया। इसके साथ ही खरीद-बिक्री से जुड़े अभिलेखों की भी विस्तार से जांच की गई।
रिकॉर्ड को किया बरामद
राज्यकर विभाग को इनपुट मिला था कि मूंगफली के कारोबार में बड़े स्तर पर जीएसटी की चोरी की जा रही है। इसी सूचना के आधार पर एसआईबी ने छापेमारी की। टीम ने माल की आवाजाही, कर भुगतान और व्यापारिक दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया, ताकि वास्तविक कर देयता का आकलन किया जा सके। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर उनका परीक्षण भी किया जा रहा है।
दस्तावेजों का रिकॉर्ड से कराया मिलान
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कोल्ड स्टोरेज में मौजूद कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की। मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों का रिकॉर्ड से मिलान कराया गया। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर चोरी हुई है या नहीं। यदि अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच को बाद की जाएगी कार्रवाई
पूर्व मंत्री जितेंद्र उर्फ पप्पू जायसवाल पिछले विधानसभा चुनाव में पिपराइच सीट पर भाजपा के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। वर्तमान में भी वह पार्टी की राजनीति में सक्रिय हैं और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संभावित दावेदारों में उनका नाम माना जा रहा है। ज्वाइंट कमिश्नर राज्यकर विभाग यूएन सिंह ने बताया कि फिलहाल दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।











