गोरखपुर में जनता की शिकायतों पर सीएम योगी सख्त: बोले- समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं, एक-एक फरियादी से किया संवाद

गोरखपुर|10 अगस्त 2026
बोले- समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं, एक-एक फरियादी से किया संवाद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिप्रद समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।

गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री खुद फरियादियों के बीच पहुंचे। कुर्सियों पर बैठे लोगों से उन्होंने बातचीत की और उनकी समस्या के साथ यह भी जाना कि वे किस क्षेत्र से आए हैं। एक-एक व्यक्ति की बात ध्यानपूर्वक सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कई फरियादियों को आश्वस्त किया कि घबराने की जरूरत नहीं है और उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। अधिकारियों से उन्होंने कहा कि शिकायतों को केवल प्रार्थना पत्र मानकर औपचारिक कार्रवाई न की जाए, बल्कि उसकी वास्तविक स्थिति की जांच कर पीड़ित को राहत दिलाई जाए।

जमीन कब्जे की शिकायतों पर कार्रवाई के दिए निर्देश

जनता दर्शन में जमीन पर कब्जे से संबंधित शिकायतें लेकर पहुंचे लोगों की समस्याओं को भी मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के साथ दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को अपनी शिकायत के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। शिकायत का निस्तारण इस तरह किया जाए कि पीड़ित को वास्तविक न्याय मिले और वह कार्रवाई से संतुष्ट हो।

इलाज के लिए आर्थिक मदद का भरोसा

जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों से पीड़ित कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पैसे के अभाव में किसी जरूरतमंद का उपचार नहीं रुकने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को मरीजों के इलाज से जुड़े अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आवश्यक धनराशि स्वीकृत कराई जा सके।

गोशाला में की गोसेवा

इससे पहले मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया। मुख्यमंत्री मंदिर की गोशाला भी पहुंचे और गोसेवा की। उन्होंने गोवंश को दुलारा और अपने हाथों से गुड़ खिलाया।

नव्य जागरण

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