डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में लापरवाही पर नगर आयुक्त का एक्शन: तीन सुपरवाइजर सस्पेंड, छह कर्मचारी बर्खास्त

शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में लापरवाही बरतने पर नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर आयुक्त ने तीन सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया गया जबकि एक चालक सहित छह कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। स्थानीय निकाय निदेशालय के निदेशक की समीक्षा में सोर्स सेग्रीगेशन यानी कूड़ा निकलने वाले स्थान पर ही अलग-अलग करना, में खराब स्थिति मिली थी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। शुक्रवार की सुबह पांच से नौ बजे तक स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से जूम मीटिंग के माध्यम से नगर निगम गोरखपुर के कार्यों की समीक्षा की गई।
निदेशक ने जताई कड़ी नाराजगी
इसमें डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, सीटी/पीटी, एमआरएफ, शुद्ध पेयजल आपूर्ति तथा अन्य व्यवस्था को लेकर समीक्षा की गई। इस दौरान यह बात सामने आयी कि डोर टू डोर सोर्स सेग्रीगेशन की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसपर निदेशक की ओर से कड़ी नाराजगी जताई गई। उन्होंने ऐसे लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। नगर आयुक्त ने कहा है कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी निरीक्षण के आधार पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त, सभी जोनल अधिकारी, जोनल सेनेटरी अधिकारी, मुख्य सफाई निरीक्षक, आइसी टीम और संवेदना टीम के सदस्य मौजूद रहे।
इन सुपरवाइजरों पर हुई कार्रवाई
नगर आयुक्त ने तीन कार्यवाहक सफाई सुपरवाइजर शिव प्रसाद विश्वकर्मा (वार्ड 64, विष्णुपुरम), भोला पासवान (वार्ड 34, विश्वकर्मा नगर) और प्रमोद कुमार (वार्ड 09, जंगल नकहा) को निलंबित कर दिया गया। तीनों स्थायी कर्मचारी हैं और संबंधित वार्डों में सफाई व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
इन कर्मचारियों पर भी हुआ एक्शन
शहरी आजीविका केंद्र (डूडा विभाग) से आपूर्ति किए गए छह सफाई कर्मचारियों नूरुल हक (मेठ, वार्ड 64), शिव कुमार (वार्ड 64), शनि (वार्ड 64), रोहित, पूर्णमासी, विरेन्द्र (वार्ड 09), देवा (वार्ड 54) को कार्यमुक्त कर दिया गया। डोर-टू-डोर वाहन चालक निखिल भट्ट (वार्ड 64) को भी सेवा से हटा दिया गया है।











