गोरखपुर में मासूम के कत्ल में चचेरी बुआ को उम्रकैद: मां को भी मिली सजा, बाथरूम को लेकर हुआ था विवाद

गोरखपुर|
मां को भी मिली सजा, बाथरूम को लेकर हुआ था विवाद

शाहपुर क्षेत्र में एक माह की मासूम बच्ची की हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई है। सिविल कोर्ट ने बच्ची की चचेरी बुआ सुबीना खातून उर्फ शीबू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्य और मामले में भूमिका के आधार पर उसकी मां शहनाज खातून को छह माह के कारावास और 600 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। वर्ष 2022 में हुई इस घटना के करीब चार वर्ष बाद आए फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई। पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के चलते आरोपियों को सजा दिलाने में सफलता मिली।

मामला शाहपुर थाना क्षेत्र के घोषीपुरवा का है, जहां हलीमुद्दीन उर्फ मीकू और आबिद अली का परिवार अलग-अलग मकानों में रहते हुए भी एक ही बाथरूम का इस्तेमाल करता था। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। हलीमुद्दीन की बेटी सुबीना खातून और आबिद अली के बेटे शाहिद अली की पत्नी तमन्ना खातून के बीच भी आए दिन कहासुनी होती रहती थी।

दरवाजा खटखटाने के बाद बढ़ा विवाद

अभियोजन के अनुसार, दो सितंबर 2022 की दोपहर सुबीना बाथरूम में नहा रही थी। उसी दौरान तमन्ना खातून अपनी एक माह की बच्ची को गोद में लेकर बाथरूम के बाहर पहुंचीं और दरवाजा खटखटाया। इस पर सुबीना नाराज होकर बाहर निकली और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर सुबीना ने तमन्ना की गोद से मासूम बच्ची को छीन लिया और घर से बाहर भाग गई। तमन्ना भी उसके पीछे दौड़ी, लेकिन घर के बाहर पहुंचते ही सुबीना ने बच्ची को सड़क पर पटक दिया।

अस्पताल में तोड़ा दम

बच्ची के सिर में गंभीर चोट लगने पर परिजन और स्थानीय लोग उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि बच्ची का जन्म दो अगस्त 2022 को हुआ था और ठीक एक माह बाद उसकी जान चली गई। घटना के बाद शाहिद अली ने अपनी चचेरी बहन सुबीना खातून उर्फ शीबू के खिलाफ शाहपुर थाने में हत्या का केस दर्ज कराया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुबीना और उसके माता-पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सुबीना को उम्रकैद तथा उसकी मां को छह माह की सजा सुनाई।

नव्य जागरण

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