गोरखपुर में पतंग विक्रेता का सुसाइड नोट बरामद: पांच लोगों पर लगाया आरोप, पत्नी समेत तीन आरोपी अरेस्ट

गोरखनाथ क्षेत्र में एक पतंग विक्रेता की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में दूसरी पत्नी, उसकी बेटी, एक परिचित समेत पांच लोगों पर लगातार मानसिक प्रताड़ना देने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर तीन आरोपियों को अरेस्ट कर जेल भेज दिया। वहीं, दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। परिजनों का आरोप है कि संपत्ति को लेकर लगातार बनाए जा रहे दबाव और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर पतंग विक्रेता ने यह कदम उठाया।
गोरखनाथ क्षेत्र के हुमायूंपुर उत्तरी निवासी अर्जुन प्रसाद चौहान अपने घर के निचले हिस्से में पतंग की दुकान संचालित करते थे। रविवार रात वह अपने कमरे में फंदे से लटके मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। तलाशी के दौरान उनकी जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उन्होंने लिखा कि उनकी दूसरी पत्नी, उसका परिचित, उसकी बेटी और अन्य सहयोगी मिलकर उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं तथा उनकी मौत के लिए यही लोग जिम्मेदार हैं। मृतक के बेटे हर्ष चौहान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सुसाइड नोट में दूसरी पत्नी कमलावती, सौतेली बेटी पूजा चौहान, पीपीगंज के जंगल कौड़िया निवासी सब्जी विक्रेता द्वारिका कन्नौजिया तथा कमलावती की बहनों कमलेश और सत्यभामा के नाम दर्ज हैं। पुलिस ने तहरीर और सुसाइड नोट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
संपत्ति नाम कराने का बनाती थीं दबाव
हर्ष चौहान के अनुसार, करीब 18 वर्ष पहले उसकी मां नीलम की मृत्यु के बाद अर्जुन प्रसाद ने कमलावती से दूसरी शादी की थी। कमलावती अपनी पहली शादी से हुई बेटी पूजा को भी साथ लेकर आई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही कमलावती और पूजा अर्जुन पर संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बनाती थीं। विरोध करने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी। लगातार मानसिक तनाव के चलते अर्जुन ने अपनी संपत्ति बेटे हर्ष के नाम कर दी थी। इसके बाद परिवार के भीतर विवाद और गहरा गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि आरोपी समय-समय पर कपड़े, रुपये और जेवर की मांग करते थे। प्रताड़ना से परेशान अर्जुन ने घर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए थे।
आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज
परिजनों के मुताबिक, अर्जुन को अपनी पत्नी के परिचित द्वारिका कन्नौजिया पर पहले से संदेह था। उन्हें आशंका थी कि उनकी गैरमौजूदगी में वह घर आता-जाता था। इसी वजह से उन्होंने सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, जिसके बाद पारिवारिक विवाद और बढ़ गया। गोरखनाथ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद दूसरी पत्नी कमलावती, सौतेली बेटी पूजा चौहान और द्वारिका कन्नौजिया को अरेस्ट कर जेल भेज दिया गया है। मामले के दो अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।











