गोरखपुर में रिश्तेदार के नाम पर छह बैंक लोन: 1.67 करोड़ की धोखाधड़ी की, पुलिस ने बाप-बेटी को दबोचा

बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर करीब 1.67 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में एम्स थाना पुलिस ने बाप-बेटी को अरेस्ट कर लिया। आरोप है कि दोनों ने अपने ही रिश्तेदार को विश्वास में लेकर उसके नाम पर विभिन्न बैंकों से छह लोन स्वीकृत कराए और पूरी राशि हड़प ली। मामले में पहले ही आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एम्स क्षेत्र के महादेवी झारखंडी निवासी ध्रुव नारायण सिंह और उनकी बेटी गरिमा सिंह के रूप में हुई है। चिलुआताल क्षेत्र के सिक्टौर बाजार निवासी सत्यप्रकाश सिंह की तहरीर पर एक अगस्त को एम्स थाने में आठ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पीड़ित को आसानी से बैंक लोन दिलाने का भरोसा दिया और उसके नाम पर अलग-अलग बैंकों से कुल छह लोन स्वीकृत करा लिए।
ईएमआई भरने का वादा भी नहीं निभाया
लोन स्वीकृत होने के बाद आरोपियों ने पूरी राशि अपने कब्जे में ले ली। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो उसे भरोसा दिया गया कि सभी लोन की मासिक किस्तें (ईएमआई) वे स्वयं जमा करेंगे। लेकिन बाद में किसी भी लोन की किस्त जमा नहीं की गई। इसके बाद पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की, जिस पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
एम्स थाना प्रभारी महेंद्र कुमार ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को अरेस्ट किया गया। उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी अरेस्ट कर लिया जाएगा।











