गोरखपुर को मिलेगा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम: 16 मई को सीएम योगी करेंगे शिलान्यास, विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा स्टेडियम

शहर अब खेल के नक्शे पर नई पहचान बनाने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार 16 मई को इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास करेंगे। यह स्टेडियम गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर स्थित ताल नदोर में बनेगा। परियोजना पर कुल 392.94 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे पूर्वांचल का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। सरकार ने निर्माण कार्य की पहली किश्त भी जारी कर दी है। शुरुआती चरण के लिए 63.39 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जमीन की लेवलिंग और मिट्टी भराई शुरू हो चुकी है। भारी मशीनें भी साइट पर पहुंच गई हैं। प्रशासन ने निर्माण कार्य तेज कर दिया है।
गोरखपुर में बनने वाला यह स्टेडियम इंटरनेशनल मानकों के अनुसार तैयार होगा। यह करीब 46 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा। स्टेडियम में 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। इसे ‘ग्राउंड प्लस टू फ्लोर’ मॉडल पर तैयार किया जाएगा। मैदान में कुल 11 पिच बनाई जाएंगी। इनमें सात प्लेइंग पिच और चार प्रैक्टिस पिच शामिल रहेंगी। खिलाड़ियों के अभ्यास और मैच दोनों की सुविधा रहेगी। पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में बड़ी दर्शक क्षमता होगी। दोनों स्टैंड में 14,490 दर्शक बैठ सकेंगे। नॉर्थ पैवेलियन मीडिया के लिए तैयार होगा। वहीं साउथ पैवेलियन वीआईपी मेहमानों के लिए बनाया जाएगा।
रात में भी हो सकेंगे इंटरनेशनल मैच
स्टेडियम में नाइट मैचों की भी सुविधा रहेगी। इसके लिए चार हाई मास्ट लाइट लगाई जाएंगी। ये सभी इंटरनेशनल मानकों के अनुसार होंगी। इससे IPL और इंटरनेशनल मुकाबलों की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। यहां सिर्फ क्रिकेट मैच ही नहीं होंगे। बड़े सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजन भी कराए जा सकेंगे। प्रशासन इसे मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित करना चाहता है।
सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट
गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल है। उन्होंने पूर्वांचल में विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं विकसित करने की मंशा जताई थी। उत्तर प्रदेश में अभी कानपुर और लखनऊ में इंटरनेशनल स्टेडियम हैं। वाराणसी में भी नया स्टेडियम बन रहा है। अब गोरखपुर प्रदेश का चौथा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनेगा। स्टेडियम के लिए उपयुक्त जमीन तलाशना बड़ी चुनौती थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने ताल नदोर क्षेत्र को चुना। यह स्थान हाईवे से जुड़ा होने के कारण सबसे उपयुक्त माना गया।
2027 तक पूरा होगा निर्माण
परियोजना की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई है। विभाग ने 23 दिसंबर 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों के मुताबिक काम तय समय में पूरा कराने की तैयारी चल रही है। निर्माण शुरू होने के साथ आसपास के इलाके में भी गतिविधियां बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद बढ़ी है। छोटे कारोबारियों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।
कनेक्टिविटी बनेगी सबसे बड़ी ताकत
स्टेडियम की लोकेशन को बेहद खास माना जा रहा है। यह गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन हाईवे से सीधे जुड़ा रहेगा। एयरपोर्ट से इसकी दूरी करीब 24 किलोमीटर होगी। वहीं रेलवे स्टेशन से लगभग 20 किलोमीटर दूर रहेगा। ऐसे में खिलाड़ियों और दर्शकों को पहुंचने में सुविधा होगी। बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
हाईवे पर विकसित होगा नया स्पोर्ट्स कॉरिडोर
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि स्टेडियम क्षेत्र में बहुआयामी विकास होगा। यहां पहले से कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पशु चिकित्सा संस्थान, महाविद्यालय और कान्हा गोशाला का निर्माण भी जारी है। प्रशासन का मानना है कि स्टेडियम बनने के बाद पूरा इलाका स्पोर्ट्स और बिजनेस हब बनेगा। होटल, ट्रांसपोर्ट और सर्विस सेक्टर को भी नई रफ्तार मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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