गोरखपुर में छात्र गुटों में भिड़ंत के बाद FIR दर्ज: विश्वविद्यालय गेट पर शुरू हुआ था विवाद, बम से उड़ाने की धमकी पर भेजा जेल

गोरखपुर|
विश्वविद्यालय गेट पर शुरू हुआ था विवाद, बम से उड़ाने की धमकी पर भेजा जेल

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के सामने छात्र गुटों के बीच विवाद के बाद मामला थाने तक पहुंच गया। करीब 20 से अधिक छात्रों के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हुई। ABVP के विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी की तहरीर पर छात्र नेता सतीश प्रजापति, उज्जवल सिंह, सत्यम गोस्वामी और अन्य के खिलाफ गंभीर आरोपों में FIR दर्ज की गई। पुलिस ने सतीश को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। दूसरे पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए कार्रवाई का विरोध किया है।

विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के सामने दो छात्र गुट आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में पहले आरोप-प्रत्यारोप हुए और इसके बाद हाथापाई शुरू हो गई। विवाद की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया। इसके बाद दोनों गुटों को कैंट थाने ले जाया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों की बड़ी संख्या थाने पर जुट गई। करीब दो घंटे तक वहां तनाव का माहौल बना रहा। विश्वविद्यालय गेट के आसपास भी समर्थकों की भीड़ जमा रही।

ABVP कार्यकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप

प्रशांत त्रिपाठी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि उज्जवल सिंह, सतीश प्रजापति, सत्यम गोस्वामी और अन्य लोगों ने समूह बनाकर गाली-गलौज की और जान से मारने की नीयत से हमला किया। तहरीर में आरोप लगाया गया कि हमले में शामिल कुछ लोगों के पास अवैध असलहे थे। आरोप है कि पीड़ित को बम से उड़ाने की धमकी भी दी गई। सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर जातिसूचक गालियां देने और लोगों को उकसाने का आरोप भी लगाया गया है।

मुख्यमंत्री के शहर में राज करने की बात का आरोप

तहरीर के मुताबिक आरोपियों की ओर से मुख्यमंत्री के शहर में राज करने और लोगों से गुलामी कराने जैसी बातें कही गईं। गुलामी नहीं करने पर बम से उड़ाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में जाते समय बाहरी लोगों को बुलाकर हमला कराया गया और जेब से रुपये भी छीने गए। इन आरोपों के बाद पीड़ित ने खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कही है।

पुलिस ने शुरू की जांच

कैंट थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। एक आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। उधर, सतीश प्रजापति के समर्थकों ने गिरफ्तारी को गलत बताया है। उनका कहना है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। समर्थक अब ABVP कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी FIR कराने की तैयारी की बात कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर समर्थकों की ओर से सतीश के समर्थन में पोस्ट भी किए जा रहे हैं।

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