गोरखपुर में जीडीए की 200 अनसोल्ड संपत्तियों पर भारी छूट: 225 करोड़ की प्रॉपर्टी बेचने की तैयारी, एकमुश्त भुगतान करने पर मिलेगी अतिरिक्त छूट

गोरखपुर विकास प्राधिकरण की वर्षों से खाली पड़ी आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को अब खरीदार मिल सकेंगे। प्राधिकरण ने करीब 225 करोड़ रुपये मूल्य की लगभग 200 अलोकप्रिय संपत्तियों की संशोधित दरें तय कर ली हैं। इन संपत्तियों पर अधिकतम 25 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान किया गया है। हालांकि छूट के बाद संपत्ति की कीमत उस प्रारंभिक विज्ञापन दर से कम नहीं होगी, जिस पर पहली बार उसका आवंटन प्रस्तावित किया गया था। नई दरों को इसी महीने होने वाली प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
अलोकप्रिय संपत्ति खरीदने वालों को तय अवधि में एकमुश्त भुगतान करने पर अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। यदि आवंटी 45 से 90 दिन के भीतर पूरा भुगतान करता है तो उसे चार से छह प्रतिशत तक अतिरिक्त छूट मिल सकती है। बड़े निवेशकों को भी प्रोत्साहन देने के लिए अलग प्रावधान किया गया है। 10 से 15 संपत्तियां एक साथ खरीदने वाले खरीदार को 15 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट देने की व्यवस्था होगी। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इन रियायतों से लंबे समय से खाली पड़ी संपत्तियों की बिक्री में तेजी आएगी।
पॉश इलाकों में भी वर्षों से खाली हैं संपत्तियां
जीडीए की अलोकप्रिय संपत्तियों में रामगढ़ताल स्थित लोहिया एन्क्लेव के 45 फ्लैट शामिल हैं। वसुंधरा आवासीय योजना के सात फ्लैट भी अब तक आवंटित नहीं हो सके हैं। हालांकि इनमें कुछ फ्लैट प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों को उपलब्ध कराए गए हैं। गोलघर स्थित जीडीए टावर में दुकानें, फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट और कार्यालय ब्लॉक भी लंबे समय से खाली हैं। भवन की तीन मंजिलों पर बने कार्यालयों का आवंटन भी अभी तक नहीं हुआ है।
शुरू कर दी जाएगी आवंटन प्रक्रिया
इसके अलावा बुद्धा मिनी मार्ट, बुद्ध विहार पार्ट-ए और पार्ट-बी शॉपिंग सेंटर, वैशाली आवासीय योजना, राप्तीनगर, सिद्धार्थपुरम शॉपिंग सेंटर, विकास नगर और नवीन ट्रांसपोर्ट नगर की कई दुकानें और व्यावसायिक इकाइयां भी खरीदारों का इंतजार कर रही हैं। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के अनुसार आदर्श कास्टिंग गाइडलाइन (मूलभूत सिद्धांत-2025) के अनुरूप संपत्तियों की संशोधित दरें तय हो चुकी हैं। बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।











