गोरखपुर में फर्जी पासपोर्ट मामले में सिपाही अरेस्ट: 22 संदिग्ध सत्यापन जांच में उजागर, डेढ़ साल में तैयार किया था नेटवर्क

पंजाब के गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला के फर्जी पासपोर्ट मामले की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जीआरपी के एक सिपाही को अरेस्ट किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने करीब डेढ़ वर्ष के दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 22 पासपोर्ट सत्यापन किए थे। इनमें पंजाब और दिल्ली से जुड़े तीन अपराधियों के पासपोर्ट भी शामिल हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सिपाही शशिकांत यादव मूल रूप से गाजीपुर जिले के नसीरपुर कुसुम गांव का निवासी है। वर्तमान में उसकी तैनाती जीआरपी अनुभाग कार्यालय में सीओ पेशी बलिया के साथ थी। जांच में पता चला कि गोरखनाथ थाने में तैनाती के दौरान उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई लोगों के पासपोर्ट का सत्यापन किया। अब तक 45 पासपोर्टों की जांच में 22 सत्यापन संदिग्ध और फर्जी पाए गए हैं।
तीन अपराधियों के नाम भी आए सामने
जांच में खुलासा हुआ कि पंजाब के अमृतसर निवासी गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला ने दीपू सिंह के नाम से लच्छीपुर का फर्जी पता दिखाकर पासपोर्ट बनवाया था। इसी पासपोर्ट के जरिए वह विदेश भाग गया था। इंडोनेशिया से डिपोर्ट होने के बाद मामला सामने आया। इसके अलावा अमृतसर निवासी दयाल मल्ल ने भी वर्ष 2024 में लच्छीपुर के पते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। उसे बाद में दिल्ली एयरपोर्ट से अरेस्ट किया गया। हरसिमरन सिंह उर्फ बादल ने भी राजेश सिंह के नाम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था और दिसंबर 2025 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे अरेस्ट किया था।
फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले की तलाश
पुलिस के अनुसार शशिकांत यादव अगस्त 2023 में गोरखनाथ थाने में तैनात हुआ था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसने एक व्यक्ति के माध्यम से फर्जी दस्तावेज तैयार कराए, जिसकी तलाश जारी है। फरवरी 2025 में उसे निलंबित कर पुलिस लाइन भेजा गया था और करीब छह महीने पहले उसका तबादला जीआरपी में हुआ था। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
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