प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार दूसरी बार गोरखपुर रहा अव्वल: डीएचएस रैंकिंग में हासिल किया पहला स्थान, सीएमओ ने टीमवर्क को सफलता का आधार बताया

जिला स्वास्थ्य समिति की बेहतर कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते शहर ने प्रदेश की डीएचएस रैंकिंग में लगातार दूसरी बार पहला स्थान हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को प्रदेश में सर्वोच्च स्थान मिला। गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक में इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।
सीएमओ ने बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति की रैंकिंग विभिन्न निर्धारित मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें शासकीय बैठकों के व्यवस्थित आयोजन, टीकाकरण से संबंधित बैठकों के संचालन और जिला ऑडिट कमेटी के कार्यों समेत अन्य बिंदुओं का मूल्यांकन किया जाता है। इन सभी क्षेत्रों में जिले के बेहतर प्रदर्शन के चलते गोरखपुर को वर्ष 2025-26 में प्रदेश में पहला स्थान मिला। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी जिला इसी रैंक पर रहा था। सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम रैंकिंग में दिखाई दे रहा है।
टॉप पर रहा बांसगांव ब्लॉक
बैठक में नीति आयोग की रैंकिंग में बांसगांव ब्लॉक के शीर्ष स्थान पर रहने का भी जिक्र किया गया। अधिकारियों के अनुसार, ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीएमओ ने सभी ब्लॉकों को इसी तरह समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि जिले का प्रदर्शन आगे भी मजबूत बना रहे।
नंबर-1 की स्थिति बनाए रखना अब चुनौती
डॉ. राजेश झा ने अधिकारियों से सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को निर्धारित मानकों के अनुसार और बेहतर ढंग से लागू करने को कहा। उन्होंने हेल्थ डैशबोर्ड पर जिले की स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी पर जोर दिया। कहा कि प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल करना उपलब्धि है, लेकिन इसे लगातार बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी है। बैठक में एसीएमओ डॉ. नंदलाल कुशवाहा, डॉ. एनके द्विवेदी, डिप्टी सीएमओ डॉ. अनिल सिंह, डॉ. राजेश कुमार, डीएमओ अंगद सिंह समेत अन्य अधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।











