गोरखपुर में पुरानी रंजिश में मर्डर: कार में पीटकर सड़क किनारे फेंका शव, तीन आरोपी अरेस्ट

हरपुर-बुदहट थाना क्षेत्र में प्रेमसागर यादव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए मृतक के दो दोस्तों ने अपने एक साथी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। पहले प्रेमसागर को शराब पिलाई गई, फिर कार में बैठाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर रॉड और डंडे से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे सड़क किनारे छोड़कर आरोपी फरार हो गए थे।
एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि करीब तीन माह पहले शराब पार्टी के दौरान प्रेमसागर यादव की अपने दोस्त अखिलेश यादव और अजीत कुमार यादव उर्फ सिंटू से कहासुनी हो गई थी। विवाद के दौरान प्रेमसागर ने सिंटू को थप्पड़ मार दिया था। इसी घटना के बाद दोनों आरोपी बदला लेने की फिराक में थे और लगातार उसकी हत्या की योजना बना रहे थे।
सुनसान जगह ले जाकर किया हमला
पुलिस के अनुसार 18 जुलाई की शाम अखिलेश यादव ने प्रेमसागर को बहाने से गिठनी चौराहे के पास बुलाया और उसे अत्यधिक शराब पिलाई। नशे की हालत में होने पर उसने अपने साथी अजीत उर्फ सिंटू को फोन किया। इसके बाद सिंटू अपने साथी सुधीर यादव के साथ सफेद रंग की कार लेकर मौके पर पहुंचा। तीनों आरोपी प्रेमसागर को कार में बैठाकर बैजलपुर-सीउवा पार मार्ग स्थित सुनसान इलाके में ले गए। जहां रॉड और डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। सिर पर रॉड लगने से वह अचेत हो गया। आरोपियों ने उसे मृत समझकर सड़क किनारे छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए।
सीसीटीवी और सर्विलांस से पुलिस तक पहुंचे आरोपी
19 जुलाई की सुबह बैजलपुर ग्राम पंचायत भवन के पास प्रेमसागर खून से लथपथ अचेत अवस्था में मिला। परिजनों ने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां सोमवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता ज्ञानेंद्र की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से संतकबीरनगर के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के रावतपार निवासी अखिलेश यादव, अजीत कुमार यादव उर्फ सिंटू तथा मामतपुर कठर निवासी सुधीर यादव को गिरफ्तार कर लिया।
परिवार में पसरा मातम
प्रेमसागर यादव हरपुर-बुदहट क्षेत्र के बैदौली गांव के टोला जंगल डिगर सूपा के रहने वाले थे। वह 19 जुलाई की शाम बाजार जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन घायल अवस्था में मिलने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वर्ष 2022 में उनकी शादी संतकबीरनगर जिले के महुली थाना क्षेत्र के उसरापार गांव निवासी नेहा यादव से हुई थी। दंपती की कोई संतान नहीं है। परिवार में बुजुर्ग दादी, बड़े भाई और भाभी हैं। पुलिस के अनुसार पत्नी पिछले छह माह से मायके में रह रही थीं और दोनों के बीच अनबन की बात भी सामने आई है। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
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