गोरखपुर में KGBV हॉस्टल से तीन छात्राएं लापता: 150 CCTV से मिला सुराग, पुलिस ने बिहार से किया बरामद

गोरखपुर|
150 CCTV से मिला सुराग, पुलिस ने बिहार से किया बरामद

शहर के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय से लापता हुईं तीन नाबालिग छात्राओं को पुलिस ने बरामद कर लिया। हॉस्टल से रात करीब 8:30 बजे निकलने के बाद तीनों छात्राएं अलग-अलग रास्तों से बिहार के गोपालगंज पहुंच गई थीं। सूचना मिलते ही राजघाट, कोतवाली और तिवारीपुर थानों की पांच पुलिस टीमें सक्रिय की गईं। पुलिस ने शहर में लगे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर छात्राओं की लोकेशन का पता चला।

पुलिस पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि वे हॉस्टल की दिनचर्या से बाहर निकलकर अपनी पसंद की जिंदगी जीना चाहती थीं। उनका सपना था कि नौकरी करके जल्द आर्थिक रूप से मजबूत बनें और भविष्य में उनके पास कार व बंगला हो। इसी सोच के साथ तीनों ने बाहर जाकर नौकरी करने की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस के हाथ लगने के बाद उन्होंने कहा कि उनका सपना टूट गया। तीनों की उम्र 13, 16 और 17 वर्ष है।

रिश्तेदार के घर पहुंचीं

हॉस्टल से निकलते समय छात्राओं के पास पॉकेट मनी थी। शुरुआत में वे रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास घूमती रहीं। इसके बाद एक छात्रा के रिश्तेदार सिंघड़िया में होने की जानकारी पर तीनों वहां पहुंचीं। सुबह एक छात्रा रिश्तेदार के घर रुक गई। वहीं, दो अन्य नंदानगर बस स्टैंड चली गईं। दोनों बस से बिहार के गोपालगंज पहुंचीं। इसी दौरान पुलिस टीमें शहर में सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थीं।

CCTV से गोपालगंज तक पहुंची पुलिस

150 से अधिक कैमरों की फुटेज में दो छात्राएं नंदानगर के आसपास दिखाई दीं। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और पूछताछ से उनके गोपालगंज जाने की जानकारी मिली। टीम गोपालगंज पहुंची तो पता चला कि दोनों वहां से गोरखपुर लौटने वाली बस में सवार हो चुकी हैं। पुलिस ने बस स्टैंड पर टीम तैनात कर दी। दोनों छात्राओं को वहीं से बरामद कर लिया गया। तीसरी छात्रा सुबह ही रिश्तेदार के घर से मिल गई थी।

नौकरी कर जल्दी कमाना चाहती थीं पैसे

पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि वे हॉस्टल की जिंदगी से ऊब चुकी थीं और बाहर घूमने के साथ नौकरी कर जल्दी पैसे कमाना चाहती थीं। इसी वजह से उन्होंने हॉस्टल छोड़ने का फैसला किया था। करीब एक दिन बाद उन्हें अपने निर्णय पर पछतावा हुआ और वे वापस लौटने की स्थिति में आ गईं। जांच में यह भी सामने आया कि एक छात्रा पहले भी हॉस्टल से भाग चुकी थी। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि छात्राओं की तलाश में पांच टीमें लगाई गई थीं। तीनों को बरामद करने के बाद वन स्टॉप सेंटर में उनकी काउंसिलिंग कराई जा रही है।

नव्य जागरण

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