गोरखपुर में रक्षाबंधन पर रोडवेज की तैयारी तेज: अलग-अलग रूटों पर दौड़ेंगी 60 बसें, महिलाओं संग एक सहयात्री का सफर फ्री

रक्षाबंधन पर बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गोरखपुर लोकल के अलग-अलग रूट पर 60 अतिरिक्त बसें संचालित की जाएंगी। इसके साथ ही 26 अगस्त से बसों के फेरे भी बढ़ाए जाएंगे। सबसे ज्यादा फोकस लखनऊ, वाराणसी, देवरिया, बस्ती और कुशीनगर रूट पर रहेगा। यात्रियों की संख्या के हिसाब से जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बसों की संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी।
रक्षाबंधन के दौरान गोरखपुर के बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है। अलग-अलग स्थानीय रूटों पर 60 बसें अतिरिक्त चलाई जाएंगी। 26 अगस्त से बसों के फेरे बढ़ाकर यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी देने की तैयारी है। किसी रूट पर अचानक भीड़ बढ़ती है तो वहां तत्काल अतिरिक्त बस भेजी जाएगी।
लखनऊ-वाराणसी समेत पांच रूट पर ज्यादा फोकस
गोरखपुर से लखनऊ और वाराणसी के अलावा देवरिया, बस्ती और कुशीनगर जाने वाले यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों में भी अधिक रहती है। त्योहार के दौरान इन रूटों पर दबाव बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए इन मार्गों पर बसों की उपलब्धता बढ़ाने और फेरे बढ़ाने की योजना बनाई गई है। रोडवेज का फोकस यात्रियों को समय पर बस उपलब्ध कराने और भीड़ के दबाव को नियंत्रित रखने पर रहेगा।
महिलाओं को 24 घंटे मुफ्त बस यात्रा की मिलेगी सुविधा
रक्षाबंधन पर महिलाओं को 24 घंटे मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक महिला यात्री यूपी रोडवेज की बसों में बिना किराया दिए सफर कर सकेंगी। खास बात यह है कि महिला के साथ एक सहयात्री को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। निर्धारित अवधि से पहले और बाद में यात्रियों से सामान्य किराया लिया जाएगा।
महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर रहेगा ध्यान
रक्षाबंधन को लेकर परिवहन निगम ने सभी डिपो को अलर्ट कर दिया है। आरएम लव कुमार सिंह ने बताया कि यात्रियों की संख्या के अनुसार जरूरत वाले रूट पर तत्काल अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी। भीड़ प्रबंधन के साथ महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर भी विशेष ध्यान रहेगा। त्योहार के दौरान किसी यात्री को बसों की कमी या अतिरिक्त भीड़ के कारण परेशानी न हो, इसके लिए डिपो स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।











