गोरखपुर में दौड़ेगी पहली इलेक्ट्रिक डबल डेकर एसी बस: कसया रूट पर होगा ट्रायल, यात्रियों को मिलेगा मेट्रो जैसा सफर

शहर के सार्वजनिक परिवहन को अब नया अपग्रेड मिलने जा रहा है। शहर को पहली इलेक्ट्रिक एसी डबल डेकर बस मिल गई है और इसे ट्रायल रन के लिए तैयार किया जा रहा है। फिलहाल बस राप्तीनगर स्थित गोरखपुर डिपो में खड़ी है। परिवहन निगम की तकनीकी टीम बस की फाइनल चेकिंग, बैटरी टेस्टिंग और सेफ्टी निरीक्षण में जुटी है। दो डेक वाली इस बस में एसी, आरामदायक सीटों और आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं की व्यवस्था है। इसके संचालन से एक साथ अधिक यात्रियों को सफर कराने की क्षमता बढ़ेगी।
परिवहन निगम ने शुरुआती ट्रायल के लिए गोरखपुर-कसया रूट को चुना है। लंबाई और यात्री दबाव के लिहाज से इस रूट को महत्वपूर्ण माना जाता है। टेस्ट रन के दौरान बस की बैटरी बैकअप, चार्जिंग टाइम, सड़क पर प्रदर्शन, ब्रेकिंग सिस्टम और यात्रियों की सुविधा से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी। यात्रियों से मिलने वाले फीडबैक को भी आगे की योजना में शामिल किया जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) लव कुमार सिंह ने बताया कि शहर को पहली बार इलेक्ट्रिक एसी डबल डेकर बस मिली है। इसे पहले कसया रूट पर ट्रायल के तौर पर चलाया जाएगा। परीक्षण सफल रहने पर जल्द ही नियमित संचालन शुरू किया जाएगा। निगम की प्राथमिकता यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
सामान्य इलेक्ट्रिक बसों के बराबर रखने की योजना
अधिकारियों के अनुसार, डबल डेकर बस का किराया सामान्य इलेक्ट्रिक बसों के बराबर रखने की योजना है। इससे यात्रियों पर अतिरिक्त किराये का बोझ डाले बिना अधिक क्षमता और बेहतर सुविधाओं का लाभ दिया जा सकेगा। शहर में पहले से करीब 25 इलेक्ट्रिक बसें अलग-अलग रूटों पर चल रही हैं। अब डबल डेकर के शामिल होने से एक साथ ज्यादा यात्रियों को सफर कराने की क्षमता बढ़ेगी। खासकर पीक ऑवर में भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को सीट उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
क्लीन और ग्रीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा
इलेक्ट्रिक बसों को शहर में प्रदूषण और ईंधन की खपत कम करने की दिशा में अहम विकल्प माना जाता है। डीजल बसों के मुकाबले इनमें धुआं लगभग नहीं निकलता। ऐसे में इलेक्ट्रिक डबल डेकर का संचालन गोरखपुर में क्लीन और ग्रीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने वाला कदम माना जा रहा है। डबल डेकर बसें आमतौर पर बड़े शहरों के सार्वजनिक परिवहन का हिस्सा रही हैं। अब शहर में भी इनके संचालन से यात्रियों को आधुनिक और मेट्रो शहर जैसा ट्रैवल एक्सपीरियंस मिलने की उम्मीद है। फिलहाल ट्रायल की तैयारियां चल रही हैं और बस जल्द सड़कों पर टेस्ट रन करती नजर आएगी। परीक्षण सफल रहने के बाद नियमित सेवा शुरू की जाएगी।











