DDU में छात्रों का विरोध प्रदर्शन: कुलपति हटाओ नारे के साथ दिया धरना, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का लगाया आरोप

गोरखपुर|
कुलपति हटाओ नारे के साथ दिया धरना, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का लगाया आरोप

डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी में मंगलवार को छात्र संगठनों का विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया। प्रशासनिक भवन के नीचे छात्रों ने ‘कुलपति हटाओ, विश्वविद्यालय बचाओ’ के बैनर तले धरना दिया। छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और छात्रहित से जुड़े कई मुद्दे उठाते हुए प्रशासन से जवाब मांगा। प्रदर्शन की सूचना पर विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। छात्रों को समझाने के दौरान दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।

धरने में शामिल छात्रों के हाथों में बैनर और पोस्टर थे। इनमें विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारे लिखे थे। छात्रों का कहना है कि कई मामलों में लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। छात्र नेता सतीश प्रजापति ने विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्र नेताओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई क्यों की जा रही है?

परीक्षा एजेंसी पर वसूली का आरोप

छात्रों ने विश्वविद्यालय में कार्यरत परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया। उनका आरोप है कि एजेंसी की ओर से अवैध रूप से धन की वसूली की जा रही है। छात्रों ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की, ताकि आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके। इसके साथ ही छात्रसंघ शुल्क को लेकर भी प्रशासन से जवाब मांगा गया। छात्रों का कहना है कि जब विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे हैं तो विद्यार्थियों से छात्रसंघ शुल्क किस आधार पर लिया जा रहा है।

पेड़ कटान से PMUSHA निर्माण तक जांच की मांग

प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में पेड़ों की कथित अवैध कटान का मुद्दा भी उठाया। छात्रों ने इसकी जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा PMUSHA के तहत विश्वविद्यालय में चल रहे निर्माण कार्यों की भी जांच की मांग रखी गई। छात्रों का कहना है कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर कार्रवाई होनी चाहिए।

दोनों पक्षों में हुई नोकझोंक

धरने की जानकारी पर पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान दोनों पक्षों में नोकझोंक हो गई। हालांकि, बाद में स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन का अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में प्रशासन का पक्ष आने के बाद ही आरोपों और कार्रवाई की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

नव्य जागरण

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