गोरखपुर बैंक लोन फर्जीवाड़े में सिपाही अरेस्ट: 40 लाख के घोटाले का हुआ भंडाफोड़, विदेश से लौटते ही एयरपोर्ट पर दबोचा

बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्जी दस्तावेजों के सहारे 39.70 लाख रुपये का लोन कराने के मामले में कैंट थाना पुलिस ने आरोपित सिपाही नितेश कुमार यादव को अरेस्ट कर लिया। केस दर्ज होने के बाद विदेश फरार हुए नितेश पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। 23 अगस्त को विदेश से लौटने के दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर उसे हिरासत में लिया गया। इसके बाद कैंट पुलिस उसे गोरखपुर लेकर आई। मंगलवार को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
नितेश कुमार यादव देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र के जोगउर गांव का रहने वाला है। बैंक ऑफ बड़ौदा गोरखपुर के उप क्षेत्रीय प्रमुख आशीष सिंह ने 16 अगस्त 2024 को कैंट थाने में नितेश समेत छह लोगों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपितों ने उत्तर प्रदेश पुलिस और बैंक ऑफ बड़ौदा के बीच हुए एमओयू का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से लोन कराया।
फर्जी आईडी और सैलरी स्लिप से तैयार कराया दस्तावेजी नेटवर्क
जांच के दौरान पता चला कि नितेश ने फर्जी पुलिस पहचान पत्र, सैलरी स्लिप, फॉर्म-16, बैंक स्टेटमेंट और कर्मचारी सत्यापन रिपोर्ट तैयार कराई। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसके साथियों के नाम पर पीएसपी बचत खाते खुलवाए गए। इसके बाद इन्हीं खातों और दस्तावेजों के आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा की अलग-अलग शाखाओं से लाखों रुपये का लोन कराया गया। मेडिकल कॉलेज रोड शाखा से पांच लाख, गोलघर मुख्य शाखा से 23 लाख और बेतियाहाता शाखा से 11.70 लाख रुपये का लोन लिया गया। इस तरह कुल 39.70 लाख रुपये की रकम लोन के रूप में हासिल की गई। मामले में नितेश कुमार यादव के अलावा प्रमोद कुमार यादव, संदीप कुमार यादव, लक्ष्मीकान्त यादव, अजय साहनी और संदीप अग्रहरि के नाम सामने आए हैं। बैंक की तहरीर पर दर्ज केस में पुलिस सभी की भूमिका की जांच कर रही है।
विदेश से लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए, बैंक खाते किस तरह इस्तेमाल किए गए और लोन की रकम आखिर किसके पास पहुंची? एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद नितेश विदेश चला गया था। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 23 अगस्त को विदेश से लौटने के दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर उसे अभिरक्षा में लिया गया। सूचना मिलने के बाद कैंट पुलिस दिल्ली पहुंची और उसे हिरासत में लेकर गोरखपुर लाई। मंगलवार को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।











