गोरखपुर में सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग पर फोकस: रेड कैटेगरी वाली योजनाओं की बढ़ेगी समयसीमा, गैरहाजिर अधिकारियों से मांगा जवाब

गोरखपुर मंडल में विकास योजनाओं की प्रगति और CM डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारने को लेकर कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। आयुक्त सभागार में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने रेड कैटेगरी में शामिल योजनाओं की स्थिति तत्काल सुधारने और जरूरत के अनुसार उनकी समयसीमा बढ़वाने को कहा। कमिश्नर ने कहा कि संबंधित नोडल अधिकारियों से समन्वय कर उचित कारण के साथ समय अवधि में वृद्धि कराई जाए। इससे योजनाओं की प्रगति प्रभावित नहीं होगी और जिलों की रैंकिंग पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने चेताया कि अगली समीक्षा बैठक में रेड कैटेगरी की योजनाओं को लेकर संतोषजनक कारण नहीं मिला तो संबंधित विभाग के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में राज्य निर्माण एवं श्रम विकास, सहकारी संघ लिमिटेड, सूपीसिडको, राज्य पर्यटन विकास निगम से जुड़े अधिकारियों के साथ माध्यमिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक अनुपस्थित रहे। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई और सभी संबंधित अधिकारियों को अनुपस्थिति का कारण बताते हुए अपने कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडल के जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों से कहा कि वे अपने जिलों में विभागीय योजनाओं और निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। योजनाओं की प्रगति का फीडबैक लेते रहें, ताकि CM डैशबोर्ड पर जिलों की स्थिति बेहतर बनी रहे।
लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा में महाराजगंज की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली। इस पर कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को बैंकर्स, विद्युत विभाग और वेंडर्स के साथ बेहतर समन्वय कर शासन से मिले लक्ष्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान पात्र लाभार्थियों को अभियान चलाकर पांच दिन के भीतर लाभ दिलाने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
कई योजनाओं की समीक्षा की
विद्युत बिल सुधार की समीक्षा में लंबित और गलत बिलों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने को कहा गया। वहीं, लोक निर्माण विभाग को नई सड़कों के निर्माण समेत अन्य लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार, पोषण अभियान, नई सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत, फैमिली आईडी कार्ड और दैनिक विद्युत आपूर्ति समेत विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा हुई। बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, नगर आयुक्त अजय जैन, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल और सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी मौजूद रहे। महाराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के डीएम और सीडीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।











