व्यापार बंधु बैठक में अफसर नदारद: डीएम ने उपायुक्त को लगाई कड़ी फटकार, बोले- व्यापारी और मेरा समय क्यों बर्बाद कर रहे?

गोरखपुर|
डीएम ने उपायुक्त को लगाई कड़ी फटकार, बोले- व्यापारी और मेरा समय क्यों बर्बाद कर रहे?

जिले में व्यापारियों की समस्याओं को लेकर आयोजित व्यापार बंधु की बैठक अव्यवस्था के चलते चर्चा में रही। विकास भवन सभागार में हुई बैठक में डीएम समय से पहुंचे, लेकिन नगर निगम, जीडीए और बिजली निगम समेत कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी मौजूद नहीं थे। इस पर डीएम नाराज हो गए। उन्होंने बैठक के संयोजक सचिव एवं राज्य कर के उपायुक्त (प्रशासन) आलोक कुमार सचान को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने कहा कि इस तरह की लापरवाही से उनका और व्यापारी बंधुओं का समय बर्बाद हो रहा है। उन्होंने दोबारा ऐसी स्थिति मिलने पर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

बैठक में अधिकारियों की गैरमौजूदगी का कारण पूछने पर पता चला कि कई विभागों के अधिकारियों को बैठक की जानकारी ही नहीं मिल पाई थी। डीएम ने संयोजक सचिव से इस संबंध में जवाब मांगा। उन्होंने बताया कि बैठक की सूचना वाट्सएप ग्रुप पर मैसेज के जरिए दी गई थी। इस पर डीएम ने पूछा कि महत्वपूर्ण बैठक के लिए संबंधित अधिकारियों को फोन कर व्यक्तिगत रूप से सूचना क्यों नहीं दी गई? इस सवाल पर संयोजक सचिव कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। बाद में उनके फोन करने पर अपर नगर आयुक्त बैठक में पहुंचे, जिसके बाद बैठक की कार्रवाई आगे बढ़ी।

प्राथमिकता के आधार पर हो समाधान

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि व्यापारियों की समस्याओं का तय समय में प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। बैठक में दिए गए निर्देशों पर कार्रवाई कर अनुपालन आख्या भी समय से उपलब्ध कराने को कहा। बिजली निगम को जिले में जर्जर विद्युत तारों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने बताया कि विरासत गलियारे का निर्माण जल्द पूरा कराया जाएगा। नगर निगम को मंडी में सफाई व्यवस्था बेहतर करने और शहर के प्रमुख बाजारों में शौचालय निर्माण कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि पांच स्थानों पर जल्द शौचालयों का निर्माण शुरू होगा। व्यापारियों की शिकायत पर शीतला माता मंदिर से खूनीपुर चौक के बीच खराब सड़क को भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।

भ्रष्टाचार के मामलों में नहीं हो रही कार्रवाई

बैठक के दौरान व्यापारियों के एक धड़े ने इसका विरोध भी किया। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन मामलों में कार्रवाई करने में देरी कर रहा है। उन्होंने कहा कि साक्ष्य और सबूत उपलब्ध होने के बावजूद भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में इस तरह की बैठकों का कोई औचित्य नहीं है। बैठक के बहिष्कार में नवीन कुमार चौरसिया, अभिषेक, अशफाक हुसैन मेकरानी, शिवम मिश्रा, कवल जीत सिंह, आनंद गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, अरुण शुक्ला, पुनीत अग्रवाल, नासिर खान, पुरुषोत्तम अग्रवाल, शैलेष बजाज, राजकुमार अग्रवाल और सुनील अग्रवाल शामिल रहे।

नव्य जागरण

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