गोरखपुर में ओटीएस योजना में 36.43 लाख की वसूली: ब्याज और अधिभार पर मिलेगी पूरी छूट, तीन किस्तों में जमा कर सकेंगे बकाया

गोरखपुर नगर निगम ने पुराने संपत्ति कर बकाये के निस्तारण के लिए शुरू की गई एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत अब तक 36.43 लाख रुपये की वसूली की है। योजना के तहत बकायेदारों को ब्याज और अधिभार में पूरी राहत दी जा रही है। नगर निगम ने बताया कि 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक लागू इस योजना का उद्देश्य पुराने बकाये का आसान तरीके से निस्तारण कराना है। मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त अजय जैन ने योजना की जानकारी दी।
ओटीएस के पात्र बकायेदार पूरा बकाया एकमुश्त जमा कर सकते हैं। इसके अलावा अधिकतम तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी गई है। कुल बकाये का एक-तिहाई हिस्सा योजना लागू होने के 30 दिन के भीतर जमा करना होगा। शेष दो-तिहाई राशि मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी। हालांकि पूरा भुगतान निर्धारित अधिकतम तीन महीने की अवधि में करना अनिवार्य है। समय पर किस्त या पूरी राशि जमा नहीं करने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा और 15 दिसंबर के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
मौजूदा टैक्स पर भी राहत
ओटीएस के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 14 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। नागरिक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। वहीं, वर्तमान संपत्ति कर जमा करने पर मिलने वाली छूट की अवधि भी 15 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। ऑनलाइन भुगतान पर 12 प्रतिशत और ऑफलाइन भुगतान पर आठ प्रतिशत की छूट मिलेगी।
87 ने किया पूरा भुगतान
नगर निगम के अनुसार अब तक ओटीएस के लिए 802 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 625 लोगों ने एकमुश्त भुगतान और 177 ने किस्तों का विकल्प चुना है। अब तक 87 नागरिक पूरा भुगतान कर चुके हैं, जबकि दो लोगों ने पहली किस्त जमा की है। नगर निगम ने 36.43 लाख रुपये की वसूली की है और 10.32 लाख रुपये की छूट दी है।
बड़े बकायेदारों से व्यक्तिगत संपर्क
नगर निगम ने एक लाख से पांच लाख, पांच लाख से दस लाख और दस लाख रुपये से अधिक के बकायेदारों के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। अधिकारियों और वसूलीकर्ताओं की ओर से पत्र भेजकर उन्हें योजना की जानकारी दी जा रही है। वार्डों में ओटीएस कैंप लगाने के साथ घर-घर संपर्क किया जा रहा है। जोनल कार्यालयों और मुख्यालय में विशेष काउंटर बनाए गए हैं। पोर्टल, क्यूआर कोड, चैटबॉट, बीबीपीएस, नकद, नेट बैंकिंग, चेक और डिमांड ड्राफ्ट से भुगतान की सुविधा है। योजना का प्रचार समाचार पत्र, होर्डिंग, डिजिटल स्क्रीन, कचरा संग्रहण वाहनों, एफएम रेडियो और नगर निगम के डिजिटल माध्यमों से किया जा रहा है। पार्षदों को भी योजना की जानकारी देकर लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।











