गोरखपुर के चिड़ियाघर में हिप्पो के तालाब में फेंकी बोतल: हिप्पो ने प्लास्टिक की बोतल मुंह में दबाई, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में केस दर्ज

शहर के चिड़ियाघर में एक युवक की लापरवाही हिप्पो की जान पर भारी पड़ सकती थी। चिड़ियाघर घूमने पहुंचे युवक ने हिप्पो के बाड़े के तालाब में पानी से भरी प्लास्टिक बोतल फेंक दी। बोतल पानी में गिरते ही हिप्पो ने उसे मुंह में दबा लिया और चबाने लगा। उसे निगलने की आशंका पर चिड़ियाघर कर्मचारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर बोतल बाहर निकाल ली। मौके पर युवक को पकड़कर पुलिस को सूचना दी गई।
आरोपी की पहचान महाराजगंज के लवकननगर निवासी संजय यादव के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने हिप्पो को चिढ़ाने के इरादे से जानबूझकर बोतल तालाब में फेंकी। घटना की जानकारी मिलते ही वनरक्षक सुमित यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी से पूछताछ करने के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। वनरक्षक की शिकायत पर पुलिस ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्लास्टिक निगलने से हो सकती है गंभीर परेशानी
चिड़ियाघर के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्लास्टिक जानवरों के लिए बेहद खतरनाक है। इसके निगलने से पेट में रुकावट हो सकती है और जानवर गंभीर रूप से बीमार पड़ सकता है। कुछ मामलों में स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। ऐसे में समय रहते बोतल निकाल लिए जाने से हिप्पो को संभावित खतरे से बचा लिया गया।
निगरानी बढ़ाने की तैयारी
घटना के बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जानवरों के बाड़े या तालाब में कोई वस्तु न फेंकें। प्रशासन का कहना है कि छोटी सी लापरवाही भी वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।











