गोरखपुर में नौकरी के नाम पर 4 लाख की ठगी: फर्जी नियुक्ति पत्र देकर महिला को फंसाया, विरोध पर जान से मारने की दी धमकी

गोरखनाथ थाना क्षेत्र में शिक्षा विभाग का कर्मचारी बताकर सहायक अध्यापिका की नौकरी दिलाने का झांसा देने का मामला सामने आया है। पुराना गोरखपुर मोहल्ले की रहने वाली महिला से आरोपी ने प्रबंधकीय कोटे से जवाहर इंटर कॉलेज, पादरी बाजार में नियुक्ति कराने के नाम पर चार लाख रुपये ले लिए। रकम नकद और ऑनलाइन माध्यम से आरोपी तथा उसके करीबी के खातों में ली गई। इसके बाद महिला को कॉलेज का नियुक्ति पत्र भी दिया गया, लेकिन ज्वाइनिंग के लिए पहुंचने पर उसके फर्जी होने का पता चला। महिला की शिकायत पर गोरखनाथ पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता बिनीता शुक्ला पत्नी पंकज शुक्ला ने पुलिस को बताया कि करीब एक साल पहले उनके घर के पास किराए पर रहने वाली हेमा श्रीवास्तव से उनकी जान-पहचान हुई थी। हेमा ने अपने भतीजे सत्यम श्रीवास्तव से मुलाकात कराई। सत्यम गीडा क्षेत्र के तेनुआ का रहने वाला है और वर्तमान में गोरखपुर में किराए पर रहता है। हेमा ने बताया था कि उसने सत्यम को बचपन से पाला है और वह शिक्षा विभाग में काम करता है। साथ ही विभाग में उसकी अच्छी पकड़ होने की बात कहकर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया गया।
चार लाख लेकर थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र
आरोप है कि सत्यम ने बिनीता और उनके पति को प्रबंधकीय कोटे से जवाहर इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापिका के पद पर नियुक्ति दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बदले उनसे कुल चार लाख रुपये लिए गए। कुछ रकम नकद दी गई, जबकि बाकी धनराशि आरोपी और उसके करीबी के बैंक खातों में ऑनलाइन भेजी गई। रकम लेने के बाद सत्यम ने कॉलेज के नाम से नियुक्ति पत्र बनाकर बिनीता को सौंप दिया। वह जब ज्वाइनिंग के लिए कॉलेज पहुंचीं तो वहां दस्तावेज की जांच में नियुक्ति पत्र फर्जी और कूटरचित निकला।
फर्जी कार्यमुक्त आदेश से भी नहीं खुली पोल
नियुक्ति पत्र फर्जी मिलने के बाद बिनीता ने आरोपी से जवाब मांगा और रकम वापस करने को कहा। आरोप है कि इसके बाद सत्यम ने जिला विद्यालय निरीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर वाला कार्यमुक्त आदेश भी तैयार कर महिला को दे दिया। जांच में यह दस्तावेज भी फर्जी पाया गया। इसके बाद पीड़िता ने दोबारा पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा। आरोप है कि बाद में उसने फोन पर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
एसएसपी से की शिकायत
पीड़िता ने एसएसपी को तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई, चार लाख रुपये वापस दिलाने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। उसका आरोप है कि सत्यम पहले भी कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर चुका है और इसकी जानकारी उसकी बुआ हेमा सहित परिवार के अन्य लोगों को भी है। पुलिस ने मामले की जांच गोरखनाथ थाने के एसआई राजेश कुमार पांडेय को सौंपी है।











