गोरखपुर में पेंशन के नाम पर ठगी: रिटायर्ड पीएनबी कर्मचारी से पांच लाख लूटे, सीनियर सिटीजन कार्ड के नाम पर की जालसाजी

गोरखपुर|
रिटायर्ड पीएनबी कर्मचारी से पांच लाख लूटे, सीनियर सिटीजन कार्ड के नाम पर की जालसाजी

जिले में साइबर जालसाजों ने पेंशन बंद होने का डर दिखाकर रिटायर्ड पीएनबी कर्मचारी को निशाना बनाया। खुद को बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर बताने वाले जालसाज ने सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने का झांसा देकर पीड़ित से जरूरी जानकारी हासिल की और उसके छह बैंक खातों से करीब 5.63 लाख रुपये निकाल लिए। ठगी की जानकारी मिलते ही चिलुआताल पुलिस की साइबर हेल्पडेस्क सक्रिय हुई। टीम ने डिजिटल लेनदेन की कड़ियां जोड़ते हुए रकम को ट्रैक किया और 5.57 लाख रुपये पीड़ित को वापस करा दिए।

पीएनबी से सेवानिवृत्त फणिश चन्द्र त्रिपाठी ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 में उनके मोबाइल पर कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को पीएनबी का रिलेशनशिप मैनेजर बताया और कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सीनियर सिटीजन कार्ड बनाया जा रहा है। उसने पीड़ित से कहा कि कार्ड बनवा लें, वरना पेंशन मिलने में परेशानी हो सकती है। साथ ही यात्रा समेत कई सुविधाओं का लाभ मिलने का झांसा दिया गया। पेंशन को लेकर चिंतित पीड़ित जालसाज की बातों में आ गए और उसके मांगने पर आवश्यक जानकारी साझा कर दी। इसके बाद उनके छह बैंक खातों से करीब पांच लाख 63 हजार रुपये निकल गए।

बैंक से कराया होल्ड

ठगी का पता चलते ही फणिश चन्द्र त्रिपाठी ने चिलुआताल थाने में प्रार्थना पत्र दिया। साइबर हेल्पडेस्क ने तत्काल नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। तकनीकी जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से 3,48,001 रुपये जालसाजों के म्यूल बैंक खाते में पहुंचे थे। पुलिस ने संबंधित बैंक से तत्काल संपर्क कर रकम होल्ड करा दी। इसके बाद न्यायालय के आदेश के आधार पर यह पूरी रकम पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर करा दी गई।

विज्ञापनों के भुगतान में गई रकम भी खोज निकाली

जांच आगे बढ़ी तो बाकी रकम के इस्तेमाल का भी पता चला। पुलिस के अनुसार, जालसाजों ने ठगी के 2,09,001 रुपये फेसबुक यानी मेटा पर विज्ञापन चलाने में खर्च कर दिए थे। इन विज्ञापनों के जरिए अन्य बुजुर्गों और सीनियर सिटीजन को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही थी। रकम सीधे बैंक खाते में मौजूद न होने के बावजूद साइबर टीम ने डिजिटल लेनदेन की कड़ियां जोड़ते हुए इसके स्रोत तक पहुंच बनाई।

मेटा से संपर्क कर 2.09 लाख रुपये कराए वापस

चिलुआताल थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने फेसबुक (मेटा) बिजनेस से संपर्क किया। जांच के दौरान विज्ञापनों के भुगतान से जुड़े 2,09,000 रुपये सिटी बैंक में होल्ड कराए गए। इसके बाद न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त किए गए। पुलिस ने मेटा और बैंक के साथ लगातार समन्वय कर यह रकम भी पीड़ित को वापस करा दी। इस तरह साइबर हेल्पडेस्क ने कुल 5,57,000 रुपये की रकम पीड़ित को वापस दिलाई।

बुजुर्ग ने पुलिस टीम को दिया धन्यवाद

पुलिस की तत्परता से ठगी की बड़ी रकम वापस मिलने पर पीड़ित फणिश चन्द्र त्रिपाठी ने राहत जताई और साइबर हेल्पडेस्क की टीम का धन्यवाद किया। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

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