गोरखपुर में विकास बजट पर पार्षदों का हंगामा: कागज लहराकर जताई नाराजगी: बोले- चुनिंदा वार्डों को मिल रहा पैसा

गोरखपुर नगर निगम सदन की 22वीं बैठक बुधवार को हंगामे के बीच हुई। सुबह 11 बजे सदन हॉल में शुरू हुई बैठक में पिछली बैठकों की कार्यवाही की पुष्टि के बाद विभिन्न विभागों के कामकाज और दूसरे प्रस्तावों पर चर्चा शुरू हुई। इसी दौरान कई वार्डों के पार्षदों ने विकास कार्यों में कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया। उनका आरोप था कि नगर निगम बोर्ड निधि से विकास कार्यों के लिए जारी सूची में चुनिंदा वार्डों को प्राथमिकता दी गई है, जबकि बाकी वार्डों की अनदेखी हो रही है। नाराज पार्षदों ने सदन में कागज लहराकर विरोध जताया।
वार्ड 76 के पार्षद जियाउल इस्लाम और वार्ड 60 के पार्षद अजय ओझा ने अपने क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या उठाई। जियाउल इस्लाम ने आरोप लगाया कि नगर निगम के पशु अधिकारी डॉ. रोबिन से शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा भी सदन में उठाया।
दूसरी किस्त के 35 लाख रुपये जारी करने की मांग
बैठक में पार्षद वरीयता राशि का मुद्दा भी उठा। पिछली बैठक में पार्षद वरीयता बढ़ाकर 70 लाख रुपये की गई थी। इसके बाद 35-35 लाख रुपये की दो किस्तों में राशि आवंटित करने का नियम बना था। पार्षदों ने दूसरी किस्त के 35 लाख रुपये किसी बैठक में आवंटित करने की मांग रखी। इस प्रस्ताव के समर्थन में सभी पार्षदों ने हाथ खड़े किए।
जलभराव से लेकर राजघाट की दरारों तक मुद्दे
वार्ड 80 की पार्षद और उपसभापति पूनम सिंह ने अपने क्षेत्र में जलभराव और गंदगी की समस्या उठाई। वार्ड 26 के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने राजघाट में छज्जा गिरने से दो वकीलों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तलब कर लापरवाही की जानकारी लेने की मांग की। कहा कि राजघाट पर अभी भी कई पिलरों में दरारें हैं। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने मेयर और नगर आयुक्त से मामले में संज्ञान लेने की मांग की।
बोलने का मौका नहीं मिलने पर आगे पहुंचे पार्षद
वार्ड 44 के पार्षद विजेंद्र अग्रहरि नगर आयुक्त के पास पहुंच गए। उन्होंने कहा कि कुछ चुनिंदा लोगों को ही बोलने का अवसर दिया जा रहा है, जबकि सभी पार्षदों को समय मिलना चाहिए। बैठक के दौरान वार्ड 76 के जियाउल इस्लाम और वार्ड 72 के पिंटू गौंड के बोलने के बीच कुछ पार्षदों के हस्तक्षेप पर दोनों अपनी सीट छोड़कर आगे बढ़ गए और मेयर व नगर आयुक्त के सामने खड़े हो गए।
श्मशान घाट की व्यवस्था पर भी सवाल
वार्ड 50 के पार्षद शिवेंद्र मिश्रा ने श्मशान घाट की व्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि घाट पर शौचालय और नहाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों से 200 रुपये लिए जाने की बात भी उन्होंने सदन में रखी। उन्होंने नगर निगम से या तो शुल्क समाप्त करने या इसे घटाकर 50 रुपये करने की मांग की।











