गोरखपुर में रेलवे फाटकों की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: बिना अनुमति के अब नहीं खुलेंगे फाटक, प्राइवेट नंबर से नहीं मिलेगी अकेले मंजूरी

गोरखपुर|
बिना अनुमति के अब नहीं खुलेंगे फाटक, प्राइवेट नंबर से नहीं मिलेगी अकेले मंजूरी

रेलवे ने नॉन इंटरलॉक्ड समपार फाटकों यानी मैनुअल लेवल क्रॉसिंग के संचालन की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया है। अब ट्रेन के पूरी तरह गुजरने और स्टेशन मास्टर की अनुमति मिलने के बाद ही गेटमैन फाटक को सड़क यातायात के लिए खोल सकेगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोनल रेलवे को नए निर्देश जारी किए हैं। अब तक कई फाटकों पर स्टेशन मास्टर और गेटमैन के बीच प्राइवेट नंबर के जरिए ट्रेन की आवाजाही और फाटक खोलने-बंद करने की प्रक्रिया पूरी होती थी। नए नियम में केवल प्राइवेट नंबर दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा।

नए प्रावधान के तहत गेटमैन को फाटक खोलने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित ट्रेन पूरी तरह गुजर चुकी है। ट्रेन का टेल बोर्ड और टेल लैंप दिखाई देने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद गेटमैन संबंधित कंट्रोलिंग स्टेशन मास्टर से फाटक खोलने की अनुमति मांगेगा। स्टेशन मास्टर पहले संबंधित रेल सेक्शन की स्थिति की जांच करेगा। सेक्शन में किसी ट्रेन की मौजूदगी नहीं होने की पुष्टि के बाद ही फाटक खोलने की अनुमति दी जाएगी।

दोनों दिशाओं में लगाए जाएंगे सुरक्षा संकेत

फाटक खोलने से पहले अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम भी करने होंगे। गेटमैन को अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेन की दिशा में बैनर, फ्लैग या लाल लैंप लगाने होंगे। इन सुरक्षा संकेतों का उद्देश्य फाटक खुला रहने के दौरान किसी ट्रेन के आने की स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित करना है। निर्धारित संकेत लगाने के बाद ही गेटमैन सड़क यातायात के लिए फाटक खोल सकेगा।

बंद करते समय ट्रेन की जानकारी देगा स्टेशन मास्टर

फाटक बंद करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। स्टेशन मास्टर अब गेटमैन को केवल प्राइवेट नंबर देने के बजाय संबंधित सेक्शन से गुजरने वाली ट्रेन की जानकारी देगा। इसमें ट्रेन का नंबर, दिशा और अन्य जरूरी विवरण शामिल होंगे। जानकारी मिलने के बाद गेटमैन सड़क यातायात के सामने फाटक बंद करेगा। इसके बाद रेल लाइन पर लगाए गए बैनर, फ्लैग या लाल लैंप हटा दिए जाएंगे। फाटक पूरी तरह बंद होने की सूचना गेटमैन स्टेशन मास्टर को देगा।

नौ सितंबर को जारी हुआ पत्र

रेलवे बोर्ड की डिप्टी डायरेक्टर ट्रैफिक श्वेता शर्मा ने नौ सितंबर 2026 को इस संबंध में पत्र जारी किया है। इसमें नॉन इंटरलॉक्ड समपार फाटकों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है। बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को नए निर्देशों के अनुरूप अपने सब्सिडियरी रूल्स, स्टेशन वर्किंग रूल्स और गेट वर्किंग रूल्स में जरूरी संशोधन करने को कहा है। साथ ही इन बदलावों को बिना देरी लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

समय से पहले फाटक खुलने पर लगेगी रोक

रेलवे के इस बदलाव का उद्देश्य मैनुअल तरीके से संचालित लेवल क्रॉसिंग पर सुरक्षा बढ़ाना है। नए नियम में ट्रेन के पूरी तरह गुजरने की पुष्टि और स्टेशन मास्टर की अनुमति दोनों को जरूरी किया गया है। इससे फाटक समय से पहले खुलने की स्थिति पर रोक लगाने के साथ रेल और सड़क यातायात की सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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