गोरखपुर में मासूम की मौत के मामले में शिक्षिका का चालान: बस ड्राइवर फरार, जांच के घेरे में स्कूल प्रबंधन

पिपराइच क्षेत्र में स्कूल बस से कुचलकर पांच साल के हिमांशु की मौत के मामले में पुलिस ने बस में मौजूद महिला शिक्षिका रानी मिश्रा का शांतिभंग में चालान किया है। हादसे के बाद बस चालक मनोज मौके से फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस आज स्कूल प्रबंधन से भी पूछताछ करेगी।
पिपराइच थानेदार अनूप सिंह के मुताबिक हादसे के बाद चालक बस छोड़कर भाग गया था। उसकी तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। बस में मौजूद शिक्षिका को पुलिस ने हिरासत में लिया था। शिक्षक का शांतिभंग में चालान किया गया। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हादसे के वक्त बस में कितने बच्चे और कर्मचारी थे और संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं।
बस की चपेट में आया हिमांशु
हिमांशु की मां सोनी के मुताबिक शनिवार सुबह करीब आठ बजे वह बेटे को स्कूल भेजने के लिए लंच तैयार कर रही थीं। हिमांशु घर के बाहर स्कूल बस का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान एसडी पब्लिक स्कूल की बस संख्या यूपी52टी0177 तेज रफ्तार में आई और बच्चे को कुचल दिया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण पहुंचे और करीब 200 मीटर तक बस का पीछा कर उसे रोक लिया। ग्रामीणों ने बस को घेर लिया, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। बस में मौजूद महिला शिक्षिका को ग्रामीणों ने रोक लिया।
तीन घंटे चला हंगामा
हादसे से नाराज ग्रामीणों ने बस के शीशे तोड़ दिए और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पिपराइच पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण रही। पुलिस बस और शिक्षिका को थाने ले गई। बाद में सीओ चौरी चौरा कुंदन सिंह भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने शिक्षिका पर चालक को भागने में मदद करने और कुछ लोगों को महिला संबंधी अपराध में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सीओ ने बताया कि सोनी की तहरीर पर चालक मनोज, शिक्षिका रानी मिश्रा और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
परिवार ने मांगा एक करोड़ मुआवजा
एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह, तहसीलदार डॉ. भागीरथी सिंह और नायब तहसीलदार अनु सिंह मौके पर पहुंचे। परिवार ने एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग रखी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और अंतिम संस्कार किया गया। स्कूल प्रबंधक संतोष चौहान ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि बच्चा दौड़कर आया था, इसलिए चालक उसे देख नहीं सका। हालांकि, हादसे की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।











