गोरखपुर में अवैध असलहा तस्करी का खुलासा: एसटीएफ ने पांच तस्करों को पकड़ा, चार पिस्टल और रिवाल्वर किया बरामद

गोरखपुर एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में अवैध असलहा सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पैडलेगंज से मोहद्दीपुर चौराहे की ओर जाने वाली सड़क पर विंध्यवासिनी पार्क के गेट के पास पांच आरोपियों को अरेस्ट किया गया। उनके कब्जे से चार .32 बोर पिस्टल, चार मैगजीन, एक .32 बोर रिवाल्वर और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। कैंट थाने में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने मध्य प्रदेश के बड़वानी और हरियाणा के सोनीपत से अवैध पिस्टल खरीदकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बेचने की जानकारी दी। एक पिस्टल 30 से 40 हजार रुपये में बेचे जाने की बात सामने आई है। पिछले तीन वर्षों में गोरखपुर और आसपास के जिलों में 100 से 150 पिस्टल बेचने का दावा भी किया गया है। पुलिस मोबाइल फोन और लेनदेन के रिकॉर्ड की जांच कर इसकी पुष्टि कर रही है।
इंस्टाग्राम से भी कारोबार
जांच में सामने आया कि असलहा सप्लाई के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम का इस्तेमाल किया जाता था। नेटवर्क से जुड़े स्थानीय लोगों के माध्यम से पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में खरीदारों तक हथियार पहुंचाए जाते थे। एसटीएफ और एंटी थेफ्ट सेल अब नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भूमिका खंगाल रही है। जांच में उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक संपर्क होने की जानकारी सामने आई है।
10 से ज्यादा लोगों की तलाश
एसटीएफ के अनुसार सिंघड़िया में किराए के कमरे में रहने वाले बिहार निवासी शशांक पांडेय ने आरोपियों को हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों से जोड़ा था। इसके बाद खरीद और बिक्री का नेटवर्क आगे बढ़ा। पुलिस शशांक समेत 10 अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां हथियारों के स्रोत से लेकर खरीदारों तक पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हैं।
पांचों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार श्रेयांश यादव उर्फ बबलू पर कैंट और गुलरिहा में चोरी व अमानत में खयानत के दो मामले दर्ज हैं। अजीत यादव पर हत्या के प्रयास, एससी-एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत पांच केस हैं। अभिषेक गौड़ उर्फ भेली पर 2024 में मारपीट का मामला दर्ज है। अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी पर आर्म्स एक्ट का केस है। राहुल गुप्ता के खिलाफ किसी थाने में मामला दर्ज नहीं मिला। कार्रवाई करने वाली टीम में निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, सुनील राय, उपनिरीक्षक विनायक सिंह, यशवंत सिंह समेत 22 पुलिसकर्मी शामिल रहे।











