गोरखपुर में लगातार गैरहाजिरी पर कोर्ट का कड़ा रुख: चिल्लूपार विधायक समेत 9 के खिलाफ एनबीडब्ल्यू, लोकसेवक को धमकाने का आरोप

कोर्ट की कार्रवाई में लगातार गैरहाजिर रहने और सहयोग न करने पर चिल्लूपार के मौजूदा विधायक राजेश त्रिपाठी, पूर्व विधायक विनय तिवारी समेत नौ आरोपियों पर कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। MP-MLA कोर्ट के न्यायाधीश ज्ञानेंद्र कुमार ने सभी आरोपियों की गैरहाजिरी से संबंधित प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी करने का आदेश दिया।
वारंट की सूची में राजेश त्रिपाठी और विनय तिवारी के अलावा खुटाभार निवासी प्रदीप सिंह, बड़हलगंज कस्बा निवासी वेद प्रकाश त्रिपाठी, महेश उमर, कृष्णा कुमार राय उर्फ बबलू, सेमरा बुजुर्ग निवासी शिवाजी सिंह, मझवलिया निवासी सोनू उर्फ भरत भूषण शाही और शनिचरा पट्टी निवासी दिनेश यादव शामिल हैं। कोर्ट ने आदेश की प्रति अनुपालन के लिए एसएसपी गोरखपुर और एसएचओ बड़हलगंज को भेजी है। अब पुलिस को सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करना होगा।
कई तारीखों से लंबित है आरोप विरचन
यह मामला ‘सरकार बनाम राजेश त्रिपाठी व अन्य’ के नाम से चल रहा है। मामले में आईपीसी, 7 सीएलए एक्ट और 8 बीएनएपी एक्ट के तहत सुनवाई चल रही है। आरोपियों पर लोकसेवक की ओर से विधिवत जारी आदेश की अवहेलना करने, रास्ता रोकने, लोकसेवक को उसके कर्तव्य से रोकने का प्रयास करने और आपराधिक धमकी देने के आरोप हैं। बताया गया कि मामले में आरोप विरचन की कार्रवाई कई तारीखों से लंबित है। आरोपियों के लगातार कोर्ट में उपस्थित नहीं होने के बाद अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया।











