डीडीयू में परीक्षा पैटर्न पर फिर से छात्रों का हंगामा: एमसीक्यू से डिस्क्रिप्टिव पर भड़के, कुलपति ने महीने के अंत तक फैसले का दिया आश्वासन

दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा पैटर्न बदलने को लेकर छात्रों का विरोध शुक्रवार को फिर सामने आया। बड़ी संख्या में छात्रों ने कुलपति कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा भी एमसीक्यू पैटर्न पर कराने की मांग की। छात्रों का कहना है कि वे पिछले चार सेमेस्टर से इसी पैटर्न में परीक्षा देते आ रहे हैं। ऐसे में अचानक डिस्क्रिप्टिव पैटर्न लागू होने से उनकी तैयारी प्रभावित होगी और परीक्षा परिणाम भी खराब हो सकता है। छात्रों ने नई व्यवस्था को नए सत्र से लागू करने की मांग की।
परीक्षा पैटर्न में बदलाव के विरोध में छात्र इससे पहले मंगलवार को भी कुलपति से मिलने पहुंचे थे। उस दौरान कुलपति ने छात्रों से बातचीत कर मामले पर विचार के लिए दो दिन का समय मांगा था। छात्रों के अनुसार करीब 72 घंटे बीतने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही उनकी मांग पर कोई प्रक्रिया शुरू हुई। इससे नाराज छात्रों ने शुक्रवार को दोबारा कुलपति कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जब तक इस मामले में स्पष्ट निर्णय नहीं होता, उनकी चिंता बनी रहेगी।
प्रॉक्टर और परीक्षा नियंत्रक ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर प्रॉक्टर प्रो. टीएन मिश्रा और परीक्षा नियंत्रक प्रो. कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कुछ छात्रों को कार्यालय के अंदर बुलाकर उनकी बात सुनी। बातचीत के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले पर महीने के अंत तक निर्णय लिया जाएगा और फैसला छात्रों के हित को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर छात्र वहां से चले गए।
नोटिस के बाद शुरू हुआ विवाद
छात्रों के अनुसार विश्वविद्यालय की ओर से कुछ दिन पहले जारी नोटिस में परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की जानकारी दी गई थी। इसके तहत पहले, तीसरे और पांचवें सेमेस्टर की परीक्षाएं डिस्क्रिप्टिव पैटर्न में और दूसरे, चौथे तथा छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं एमसीक्यू पैटर्न में कराने की बात कही गई। छात्रों का कहना है कि इससे पहले प्रत्येक सेमेस्टर में एमसीक्यू पैटर्न से ही परीक्षा होती रही है। इसी कारण पांचवें सेमेस्टर के बीए, बीएससी, बीकॉम समेत अन्य पाठ्यक्रमों के छात्र बदलाव का विरोध कर रहे हैं।
लिखित आश्वासन की मांग
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश पांडेय ने कहा कि मंगलवार को छात्रों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी थी। प्रशासन को 72 घंटे का समय दिया गया था, लेकिन इस दौरान कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने कहा कि एमसीक्यू पैटर्न से लगातार परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए अचानक डिस्क्रिप्टिव परीक्षा देना चुनौतीपूर्ण होगा। छात्रों ने कुलपति से लिखित आश्वासन देने और निर्णय के लिए निश्चित समयसीमा तय करने की मांग की है।











