जिला कारागार से पॉक्सो एक्ट का बंदी फरार: जेलर समेत पांच पुलिसकर्मी हुए निलंबित, बारह दिन पहले ही भेजा गया था जेल

जिला कारागार से पॉक्सो एक्ट के एक बंदी के फरार होने की सूचना से जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बंदी के लापता होने की जानकारी मिलते ही जेल की सभी बैरकों में बंदियों की गिनती कराई गई और व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की चार टीमें उसकी तलाश में लगाई गई हैं। वहीं प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर जेलर समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, बांसगांव थाना क्षेत्र में लड़की भगाने के मामले में दर्ज केस में आरोपी विपिन को 18 जुलाई को अरेस्ट किया गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर उसी दिन न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला कारागार भेज दिया गया। उसकी अनुपस्थिति की जानकारी मिलने पर जेल प्रशासन सक्रिय हो गया। सभी बैरकों की गिनती और तलाशी के बावजूद बंदी का कोई सुराग नहीं मिला। शाहपुर और बांसगांव थाना पुलिस भी तलाश अभियान में जुटी है।
पेड़ के सहारे भागने की आशंका
डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने जिला कारागार पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उस स्थान का भी जायजा लिया, जहां से बंदी के पेड़ की डालियों के सहारे दीवार पार कर फरार होने की आशंका जताई जा रही है। बताया गया कि घटना के बाद कई घंटे तक जेल प्रशासन आंतरिक स्तर पर ही बंदी की तलाश करता रहा।
जेल प्रशासन पर गिरी गाज
डीजी जेल पीसी मीना ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जेल वार्डर जितेंद्र गौतम और जितेंद्र दुबे, हेड जेल वार्डर ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव और रामजीत सिंह तथा जेलर अरुण कुमार प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है। पुलिस फरार बंदी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।










