प्वाइंट्समैन को दो साल में मिलेगी पदोन्नति: रेलवे ने बदला पूरा पुराना कैडर ढांचा, अब चार ग्रेड में नया स्ट्रक्चर तैयार

गोरखपुर|
रेलवे ने बदला पूरा पुराना कैडर ढांचा, अब चार ग्रेड में नया स्ट्रक्चर तैयार

भारतीय रेलवे ने प्वाइंट्समैन कैडर के लंबे समय से लंबित पुनर्गठन को लागू करते हुए पदोन्नति व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब प्वाइंट्समैन को न्यूनतम दो वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद अगले ग्रेड में पदोन्नति का अवसर मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने वित्त मंत्रालय की स्वीकृति के बाद इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। नई व्यवस्था तीन अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, जिससे पूर्वोत्तर रेलवे सहित देशभर के लगभग 66,388 प्वाइंट्समैन लाभान्वित होंगे।

रेल मंत्रालय के आदेश के अनुसार ऑपरेटिंग विभाग के प्वाइंट्समैन कैडर को अब चार अलग-अलग ग्रेड में विभाजित किया गया है। नई व्यवस्था में प्वाइंट्समैन ग्रेड-1 (लेवल-5) के लिए 4.54 प्रतिशत, ग्रेड-2 (लेवल-4) के लिए 13.63 प्रतिशत, ग्रेड-3 (लेवल-2) के लिए 27.27 प्रतिशत तथा ग्रेड-4 (लेवल-1) के लिए 54.55 प्रतिशत पद निर्धारित किए गए हैं। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पुनर्गठन का लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जो 3 अप्रैल 2026 को प्वाइंट्समैन कैडर में कार्यरत थे। ऐसे कर्मचारियों को संशोधित वेतन स्तर का लाभ भी उसी तिथि से मिलेगा।

स्थायी प्वाइंट्समैन कर्मचारियों पर लागू होगी व्यवस्था

यह व्यवस्था भारतीय रेलवे के ओपन लाइन प्रतिष्ठानों और प्रोडक्शन यूनिट्स में कार्यरत नियमित स्थायी प्वाइंट्समैन कर्मचारियों पर लागू होगी। इसमें प्वाइंट्समैन-ए, प्वाइंट्समैन-बी, गेटमैन (ट्रैफिक), केबिनमैन, स्विचमैन और लीवरमैन जैसी सभी संबंधित श्रेणियां शामिल रहेंगी। हालांकि एक्स-कैडर, वर्क-चार्ज्ड, अतिरिक्त तथा सुपरन्यूमरेरी पद इस पुनर्गठन के दायरे में शामिल नहीं होंगे।

दो वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति का मिलेगा अवसर

नई व्यवस्था के तहत वर्तमान प्वाइंट्समैन-बी (लेवल-1) को अब प्वाइंट्समैन ग्रेड-4 तथा प्वाइंट्समैन-ए (लेवल-2) को प्वाइंट्समैन ग्रेड-3 के नाम से जाना जाएगा। वहीं ग्रेड-2 (लेवल-4) और ग्रेड-1 (लेवल-5) को पदोन्नति के नए स्तर के रूप में शामिल किया गया है। ग्रेड-4 से ग्रेड-3, ग्रेड-3 से ग्रेड-2 और ग्रेड-2 से ग्रेड-1 तक पदोन्नति के लिए दो वर्ष की न्यूनतम रेजिडेंसी अवधि पहले की तरह लागू रहेगी। पदोन्नति के बाद वेतन निर्धारण भी मौजूदा नियमों के अनुसार किया जाएगा।

रेलकर्मियों को मिलेगा लाभ

रेलवे बोर्ड के इस फैसले का कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है। एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के संयुक्त महामंत्री ओंकार नाथ सिंह ने कहा कि ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के महासचिव शिव गोपाल मिश्र ने कैबिनेट बैठक और रेलवे बोर्ड के साथ स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठकों में इस मुद्दे को लगातार उठाया था। लंबे समय से चल रहे प्रयासों के बाद कैडर पुनर्गठन लागू होने से रेलकर्मियों को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।

नव्य जागरण

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