रामगढ़ताल में सूर्यास्त के बाद बोटिंग पर रोक: सुरक्षा के लिए बदलेंगे नियम, पहले रात नौ बजे तक थी अनुमति

रामगढ़ताल में हाल ही में हुए नौका हादसे के बाद पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। जांच समिति की रिपोर्ट में सूर्यास्त के बाद ताल में सभी प्रकार की बोटिंग बंद करने की सिफारिश की गई है। पहले केवल स्पीड बोट पर रोक लगाने की तैयारी थी। लेकिन अब क्रूज को छोड़कर किसी भी बोट के संचालन की अनुमति सूर्यास्त के बाद नहीं होगी। अंतिम जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपे जाने के बाद नया नियम लागू किया जाएगा।
हादसे के बाद गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए सूर्यास्त के बाद किसी भी मोटर बोट या स्पीड बोट का संचालन न किया जाए। अन्य पर्यटन स्थलों के नियमों का अध्ययन करने पर भी यह सामने आया कि अधिकांश स्थानों पर सूर्यास्त के बाद बोटिंग की अनुमति नहीं होती। इसी आधार पर रामगढ़ताल में भी यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। हालांकि, क्रूज सेवा पहले की तरह संचालित होती रहेगी।
लाइफ जैकेट अनिवार्य करने के दिए गए थे निर्देश
डीएम दीपक मीणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले के सभी जलाशयों में सूर्यास्त के बाद नाव संचालन रोकने और प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए थे। मई में आपदा विभाग ने भी गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को गाइडलाइन के अनुरूप रात में बोटिंग बंद कराने की सलाह दी थी। विभाग ने यह भी बताया था कि एनडीआरएफ भी रात में अपनी जल गतिविधियां संचालित नहीं करता।
रिपोर्ट मिलने के बाद शुरू होगी बोटिंग
फिलहाल प्लेटफॉर्म नंबर एक, चार, पांच और छह से बोटिंग अस्थायी रूप से बंद है। प्लेटफॉर्म नंबर छह के संचालक का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है। समिति के सभी सदस्यों की रिपोर्ट को समेकित कर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसे डीएम को सौंपने के बाद ही बोटिंग दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
सूर्यास्त तक ही मिलेगा संचालन का समय
अब तक जीडीए की ओर से रात नौ बजे तक बोटिंग की अनुमति थी, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत समय सीमा सूर्यास्त तक कर दी जाएगी। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए क्रूज को छोड़कर सूर्यास्त के बाद किसी भी बोट का संचालन नहीं होगा। इससे सुरक्षा मानकों का बेहतर पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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