गोरखपुर में सॉफ्टवेयर से चंद मिनट में उड़ाई स्कॉर्पियो: बिहार में शराब तस्करी में कर रहे थे इस्तेमाल, 3 अरेस्ट

गोरखपुर|2 घंटे पहले
बिहार में शराब तस्करी में कर रहे थे इस्तेमाल, 3 अरेस्ट

शाहपुर क्षेत्र से 11 जुलाई को चोरी हुई भाजपा नेता के भाई की स्कॉर्पियो का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी के वाहन का इस्तेमाल बिहार में शराब तस्करी के लिए कर रहे थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर गोपालगंज (बिहार) से चोरी की गई स्कॉर्पियो और वारदात में प्रयुक्त कार बरामद कर ली है। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपियों ने विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से कुछ ही मिनटों में स्कॉर्पियो का लॉक खोलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और वाहन चोरी की दूसरी घटनाओं में उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है।

एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि शाहपुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरवा निवासी भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद मंतालाल यादव के भाई अभयनंदन यादव की स्कॉर्पियो 11 जुलाई की भोर में घर के बाहर से चोरी हो गई थी। घटना के अगले दिन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि बदमाश एक कार से पहुंचे थे। उन्होंने स्कॉर्पियो का लॉक खोलने के बाद वाहन लेकर भटहट और कुशीनगर के रास्ते बिहार की ओर फरार हो गए। घटना के खुलासे के लिए शाहपुर पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की पांच टीमें गठित की गई थीं।

दो हजार से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाली

जांच के दौरान पुलिस ने गोरखपुर, कुशीनगर और बिहार तक के मार्ग पर लगे दो हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। इसके साथ ही मोबाइल लोकेशन, टोल प्लाजा के रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर तीनों आरोपियों को अरेस्ट कर लिया गया।

मुख्य आरोपी पर 19 मुकदमे दर्ज

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के सिवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र निवासी दिलीप कुमार चौहान, दरौदा थाना क्षेत्र के भीखा बांद निवासी मुन्ना हाशमी तथा जामो बाजार थाना क्षेत्र निवासी दीपक यादव के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी दिलीप कुमार चौहान पर गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर समेत विभिन्न जिलों में 19 मुकदमे दर्ज हैं। प्रारंभिक पूछताछ में उसने ही वाहन चोरी की योजना बनाने की बात स्वीकार की है।

गिरोह के नेटवर्क की पड़ताल जारी

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी की स्कॉर्पियो से बिहार में शराब की तस्करी की जा रही थी। उनकी निशानदेही पर गोपालगंज से वाहन बरामद कर लिया गया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि गिरोह ने प्रदेश और आसपास के जिलों में वाहन चोरी की कितनी अन्य वारदातों को अंजाम दिया है।

नव्य जागरण

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