सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस में तीखी नोकझोंक: तहसील मार्च को रास्ते में रोका, सपाइयों ने किया प्रदर्शन

चौरीचौरा क्षेत्र में शनिवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर तहसील पहुंचकर प्रदर्शन करने जा रहे सपा नेताओं को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सपा नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक के साथ धक्का-मुक्की की भी स्थिति बनी रही। करीब डेढ़ घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। सपा प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भोपा चौराहा से चौरीचौरा रेलवे स्टेशन होते हुए तहसील की ओर मार्च निकाल रहे थे। पार्टी कार्यकर्ताओं का उद्देश्य विभिन्न जनसमस्याओं और सरकार की नीतियों के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपना था। हालांकि तहसील पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि धरना-प्रदर्शन और जुलूस निकालने के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। इसलिए आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिस की रोकटोक से नाराज सपा कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए। सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। देखते ही देखते प्रदर्शन स्थल पर राजनीतिक माहौल गरमा गया। दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किय। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
महंगाई, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इसके अलावा बढ़ती महंगाई, डीजल-पेट्रोल की कीमतों में लगातार वृद्धि, घरेलू गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा गया। सपा नेताओं का आरोप था कि सरकार जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आम जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है। सरकार इन समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रही।
जिलाध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें गिरा दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। सरकार विपक्षी दलों के साथ कैदियों जैसा व्यवहार कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सपा का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में इसी तरह ज्ञापन सौंपकर सरकार को घेरा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के उपरांत सपा नेताओं ने एसडीएम कुंवर सचिन सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई।











